| रेलवे की घोषणा सुन ट्रेन छोड़ बस से गए यात्री by eabhi200k on 17 September, 2013 - 02:55 PM | ||
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eabhi200k | रेलवे की घोषणा सुन ट्रेन छोड़ बस से गए यात्री on 17 September, 2013 - 02:55 PM | |
हसडीहा या मंदारहिल से आगे जानेवाले यात्रीगण ध्यान देंगे, भागलपुर हसडीहा पैसेंजर मंदारहिल स्टेशन तक ही जायेगी। सुबह 3 बजे से ही भागलपुर स्टेशन के पूछताछ केन्द्र से यह घोषणा की जा रही थी। रेलवे पूछताछ केन्द्र से यह अनाउंसमेंट सुनकर हसडीहा जाने वाले सैकड़ो यात्री वापस हो गए।सरैयाहाट में हॉल्ट बनाने की मांग को लेकर बार-बार हो रहे उपद्रव के कारण खराब कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए रेल प्रशासन ने रविवार से हसडीहा पैसेंजर ट्रेन का परिचालन तत्काल बंद कर दिया है। सबसे अहम बात यह कि इस प्रकरण के बाद भागलपुर से दुमका और रामपुरहाट रेल परियोजना को भी ग्रहण लग सकता है। हसडीहा रूट पर ट्रेन परिचालन का उद्घाटन करते हुए रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी ने यह घोषणा की थी कि 2014 तक इस रूट से तारापीठ तक के लिए ट्रेन चलायी जाएगी।इस दिशा में रेलवे का काम भी तेजी से हो रहा है। आने वाले कुछ दिनों में ही हसडीहा से दुमका के बीच रेल लाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद भागलपुर से दुमका तक की सीधी रेल सेवा बहाल हो जाएगी। लेकिन सरैयाहाट में हो रहे उपद्रव के कारण रेलवे के इस प्रोजेक्ट पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दुमका होते हुए यह रेल लाइन रामपुर हाट से मिलेगी। रामपुरहाट से इस रेल लाइन के जुड़ जाने के बाद भागलपुर से हावड़ा, रांची, टाटानगर सहित कई प्रमुख शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी।बहरहाल अगर हालात नहीं सुधरे तो इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरैयाहाट की घटना के कारण ग्रहण लग सकता है। रेल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल तबतक इस रेल लाइन पर ट्रेन सेवा बंद रहेगी जबतक कि झारखंड क्षेत्र में मंदारहिल से लेकर हसडीहा तक जीआरपी का क्षेत्र निर्धारण नहीं हो जाता है। क्योंकि जीआरपी का क्षेत्र निर्धारण नहीं होने के कारण ही रेलवे ऐसे उपद्रव से निपटने में असहज महसूस कर रहा है। इस मामले में गोड्डा जिला प्रशासन का रुख अपेक्षित नहीं है।क्योंकि लगभग 9 महीने तक ट्रेन परिचालन होने के बाद भी न तो झारखंड प्रशासन से जीआरपी का क्षेत्र निर्धारण हुआ है, न ही वहां जीआरपी की तैनाती हुई है। अलबत्ता जब आए दिन ट्रेन रोकने, गार्ड, ड्राइवर को बंधक बनाने और ट्रेन पर पथराव की घटनाएं हो रही थीं तो भी वहां सुरक्षा के समुचित उपाय नहीं किए गए। पहली बार जब रेल ट्रैक को जाम किया गया था तो 16 सितंबर को स्थानीय लोगों के साथ गोड्डा के जिलाधिकारी के साथ बैठक का कार्यक्रम तय हुआ था लेकिन सोमवार को यह बैठक नहीं हुई। | ||