| एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) की फोटोकॉपी से वसूलते थे ट्रेन में जुर्माना by eabhi200k on 20 July, 2013 - 12:00 AM | ||
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eabhi200k | एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) की फोटोकॉपी से वसूलते थे ट्रेन में जुर्माना on 20 July, 2013 - 12:00 AM | |
जागरण संवाददाता, लखनऊ : उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के निलंबित मुख्य टिकट निरीक्षक एके बाली एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) की जीराक्स कॉपी करवाकर यात्रियों से जुर्माना महीनों से वसूल रहे थे। इनमें से वसूला गया पचास फीसद राजस्व बाली के बैंक खाते में जाता था और बचा हुआ पैसा रेलवे के राजस्व में। कानपुर से लखनऊ आई जीआरपी टीम ने स्टेशन पर सुपरवाइजरों से पूछताछ की। टीम ने मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारियों को भी पूरे मामले से अवगत कराया। 1गुरुवार को कानपुर से लखनऊ पहुंची टीम के मुताबिक मुख्य टिकट निरीक्षक पद पर तैनात रहे एके बाली के कारनामे के बारे में मुंबई की विजिलेंस टीम को उस वक्त पता लगा था जब कुछ यात्रियों के पास से ईएफटी की जीराक्स कॉपी मिली थी। मुंबई के टिकट कलेक्टर द्वारा जमा की गई इन रसीदों की जब जांच की गई तो मामले का खुलासा हुआ। मुंबई के अधिकारियों ने विजिलेंस इंस्पेक्टर आरआर करुर के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने झांसी तक यात्रियों की जांच की। जांच में फिर कई यात्रियों के पास ईएफटी की जीराक्स कॉपी मिली। सभी टीटीई की ईएफटी रसीद जांची गई। ट्रेन में चल रहे किसी भी टीटीई के पास कोई जीराक्स कॉपी नहीं मिली। टीम ने लखनऊ में टारगेट किया तो मामले का खुलासा हुआ। 1कैसे फंसे एके बाली : मुंबई से आई विजिलेंस टीम ने अपने आरपीएफ सिपाही को लखनऊ से मुंबई का एक जनरल टिकट खरीदवाया। फिर संदेह के आधार पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मुख्य टिकट निरीक्षक से चलती हुई ट्रेन में स्लीपर का टिकट बनाने को कहा। बाली ने आंख मूंदकर ईएफटी की जीराक्स कॉपी निकालकर रसीद काट दी, जबकि मूल रसीद को छुआ तक नहीं। टीम ने रसीद अपने कब्जे में लेकर तुरंत जांच की तो मामला पूरा फर्जी निकला। जांच में बाली के पास से हजारों रुपये भी बरामद हुए। | ||