| अभी भी अधूरा है रेलवे का सफर by puneetmafia on 16 April, 2013 - 09:00 AM | ||
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puneetmafia | अभी भी अधूरा है रेलवे का सफर on 16 April, 2013 - 09:00 AM | |
मीरजापुर : रेलवे की स्थापना दिवस पर रेलवे महकमा अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। विकास के तमाम दावे भी किए जा रहेहैं। बात 1837 की है जब इलाहाबाद-मुगलसराय रेल प्रखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ था। उस समय लोगों को विकास का लंबा चौड़ा सब्जबाग दिखाया गया था। लेकिन लगभग 170 साल का समय बीत जाने के बाद भी रेलवे का सफर अधूरा ही है। मीरजापुर जिले में दो सौ किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक का जाल बिछा है। चुनार-चोपन व इलाहाबाद-मुगलसराय के अलावा कटका-कछवां रेल खंड भी मीरजापुर जिले में ही आता है। हर साल रेल बजट सदन में रखा जाता है और पास भी हो जाता है। लेकिन पूर्वाँचल के अति पिछड़े नक्सल प्रभावित जनपद को न तो ट्रेनों की सौगात मिलती है न ही स्टेशन पर यात्री सुविधा के लिए बजट दिया जाता है। जनता की आवाज़ को दबा दिया जाता है। स्थानीय रेलवे स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म को सीधा करने के एक करोड़ की योजना पर पानी फिर गयाहै। ए श्रेणी का स्टेशन होने के बाद भी यात्री सुविधा का अभाव है। यहां पर न तो कोई वीआइपी ट्रेन रूकनी है और न ही इंटरसिटी को चुनार से चलाया जाना है। रेलवे बोर्ड ने ही मीरजापुर स्टेशन को ए श्रेणी का तमगा भर दिया है। राजधानी व गरीब रथ तो दूर नार्थ ईस्ट, पटना पुणे, महाबोधि, लोकमान्य तिलक, सियालदह अजमेर जैसी एक्सप्रेस सहित दो दर्जन ट्रेनों का ठहराव नहीं हो सका है। हर साल बजट में स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव का मामला गरमाता है बाद में मामला ठंडा पड़ जाता है। बरेली पैसेंजर को फिर से चलाने की मांग को लेकर नागरिक आंदोलन कर रहे हैं। स्थानीय रेलवे स्टेशन के दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय के लिए दो साल पहले प्रस्ताव भेजा गया था आज तक उस पर बजट नहीं मिल पाया है। सांसद, विधायक तक तो प्लेटफार्म पर खड़े होकर घंटो ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है। इसी प्रकार चुनार स्टेशन पर मगध, जोधपुर हावड़ा, महानंदा एवं ब्रह्मपुत्र मेल के स्टापेज, लूसा स्टेशन पर मूरी के ठहराव की मांग की जा रही है। अहरौरा-शक्तिनगर रेल खंड के निर्माण की योजना पर ग्रहण लग गया है। यहां के विकास का मामला रेल मंत्री पवन बंसल के विंध्याचल आगमन पर गत माह प्रमुखता से उठ चुका है, लेकिन रेलवे अधिकारियों की मनमानी से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। | ||