| Privatization of train cleaning @ CNB by RailXpert on 16 September, 2013 - 08:56 PM | ||
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RailXpert | Privatization of train cleaning @ CNB on 16 September, 2013 - 08:56 PM | |
कानपुर, एक प्रतिनिधि: कुछ खास ट्रेनों में गंदगी और कोचों में पानी की दिक्कत का सामना अब यात्रियों को नहीं करना पड़ेगा। इससे निजात पाने के लिए यह दोनों व्यवस्था अब निजी हाथों को दे दी गई है। 1सेंट्रल स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस, गरीब नवाज, कालका, नार्थ ईस्ट, संपर्क क्रांति, ओखा, हावड़ा एक्सप्रेस, ग्वालियर बरौनी एक्सप्रेस समेत 40 ट्रेनों के कोचों की सफाई और इन ट्रेनों में पानी भरने का काम निजी हाथों को सौंपा गया है। उत्तर मध्य जोन ने इसके लिए अरुण एवियेशन कंपनी को ठेका दिया है। कंपनी ने 80 कर्मियों को सेंट्रल स्टेशन पर लगाया है। ये कर्मी दो चरणों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लगाए गए हैं। एक चरण में कुल 40 कर्मी होते हैं और ट्रेन की सूचना मिलते ही पहले से ही पाइप, सफाई मशीन लेकर खड़े हो जाते हैं। दिल्ली से हावड़ा के बीच एक के पीछे एक दौड़ रही 24-24 कोच की ट्रेनें के कोच में पानी खत्म होने पर आये दिन हंगामा होता है। गर्मी में तो कई कई घंटे यात्री ट्रेन को रोककर हंगामा व प्लेटफार्म पर ही धरना देते हैं।1इस संबंध में उत्तर मध्य जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संदीप माथुर का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिये व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ट्रेनों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 1सेंट्रल स्टेशन की स्थिति 1कुल ट्रेनें >> 3201यात्री प्रतिदिन >> 1.5 लाख 1प्लेटफार्म संख्या >> 101दिल्ली हावड़ा ट्रेनें >> 2051लखनऊ >> 601झांसी रूट >> 501फरुखाबाद >> 16।कानपुर, एक प्रतिनिधि: कुछ खास ट्रेनों में गंदगी और कोचों में पानी की दिक्कत का सामना अब यात्रियों को नहीं करना पड़ेगा। इससे निजात पाने के लिए यह दोनों व्यवस्था अब निजी हाथों को दे दी गई है। 1सेंट्रल स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस, गरीब नवाज, कालका, नार्थ ईस्ट, संपर्क क्रांति, ओखा, हावड़ा एक्सप्रेस, ग्वालियर बरौनी एक्सप्रेस समेत 40 ट्रेनों के कोचों की सफाई और इन ट्रेनों में पानी भरने का काम निजी हाथों को सौंपा गया है। उत्तर मध्य जोन ने इसके लिए अरुण एवियेशन कंपनी को ठेका दिया है। कंपनी ने 80 कर्मियों को सेंट्रल स्टेशन पर लगाया है। ये कर्मी दो चरणों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लगाए गए हैं। एक चरण में कुल 40 कर्मी होते हैं और ट्रेन की सूचना मिलते ही पहले से ही पाइप, सफाई मशीन लेकर खड़े हो जाते हैं। दिल्ली से हावड़ा के बीच एक के पीछे एक दौड़ रही 24-24 कोच की ट्रेनें के कोच में पानी खत्म होने पर आये दिन हंगामा होता है। गर्मी में तो कई कई घंटे यात्री ट्रेन को रोककर हंगामा व प्लेटफार्म पर ही धरना देते हैं।1इस संबंध में उत्तर मध्य जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संदीप माथुर का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिये व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ट्रेनों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 1सेंट्रल स्टेशन की स्थिति 1कुल ट्रेनें >> 3201यात्री प्रतिदिन >> 1.5 लाख 1प्लेटफार्म संख्या >> 101दिल्ली हावड़ा ट्रेनें >> 2051लखनऊ >> 601झांसी रूट >> 501फरुखाबाद >> 16 | ||