| विक्रमशिला एक्सप्रेस में लगा कंपोजिट एसी 10229318 by RailXpert on 19 March, 2013 - 12:00 PM | ||
|---|---|---|
RailXpert | विक्रमशिला एक्सप्रेस में लगा कंपोजिट एसी 10229318 on 19 March, 2013 - 12:00 PM | |
विक्रमशिला एक्सप्रेस में राजधानी एक्सप्रेस की तरह कंपोजिट फर्स्ट एसी की जगह एलएचबी कोच लगाया गया है। फिलहाल इसे एक रैक में लगाया गया है। इसके टायलेट लगे कमोट के नीचे का भाग ट्रेन के 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने बाद खुलता है। इस कारण प्लेटफॉर्म के नीचे का पटरी गंदा नहीं होता है। इधर, इस कोच के लगने के बाद यार्ड कर्मी परेशान हैं। विक्रमशिला एक्सप्रेस के दिल्ली से भागलपुर लौटने के दौरान कुछेक यात्री कमोट में हगीज व बोतल डाल देते हैं। लोगों को यह नहीं मालूम है कि स्पीड पकड़ने के बाद है कमोट खुलता है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आते ही उसकी स्पीड कम हो जाता है और कमोट के नीचे का भाग बंद हो जाता है। यार्ड में जाने के दौरान ट्रेन की स्पीड कम रहती है और कमोट नहीं खुल पाता है। ऐसे में कमोट की सफाई ढंग से नहीं हो पाती है। इसकी शिकायत यात्रियों ने करनी शुरू कर दी है। सोमवार को रविवार को विक्रमशिला एक्सप्रेस के भागलपुर स्टेशन से खुलने के बाद टायलेट गंदा रहने की शिकायत यात्रियों द्वारा की गई। ट्रेन जब दिल्ली पहुंची तो वहां से मोबाइल फोन के जरिए इसी तरह की शिकायत कैरेज एण्ड वैगन विभाग के अधिकारियों से की गई। कैरेज एण्ड वैगन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भागलपुर से खुलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस में ही सिर्फ फर्स्ट एसी है। यहां पहली बार कंपोजिट फर्स्ट एसी की जगह एलएचबी कोच लगाया गया है। अभी एक रैक में लगा है, जल्द ही दो अन्य रैको में इसे लगाया जाएगा। लोगों को इसके टायलेट के बारे में जानकारी नहीं रहने के कारण गोतल व हगिज उसमें डाल रहे हैं। जिससे सफाई में परेशानी हो रही है। यार्ड में 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलनी नहीं, सो सफाई नहीं हो पाती है। | ||