| आय से जुड़े टेंडर का निस्तारण जरूरी : छाबड़ा by riteshexpert on 06 December, 2012 - 06:00 PM | ||
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riteshexpert | आय से जुड़े टेंडर का निस्तारण जरूरी : छाबड़ा on 06 December, 2012 - 06:00 PM | |
आय से जुड़े टेंडर के मामले काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए समय से इसका निस्तारण अत्यंत जरूरी है। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और विविध स्रोतों से रेलवे की आय में भी वृद्धि होती है।पूर्व मध्य रेल के वाणिज्य विभाग और क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को हाजीपुर स्थित पूर्व मध्य रेल मुख्यालय के सभागार में एक सेमीनार का उद्घाटन करने के बाद ये बातें पूर्व मध्य रेल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक दीपक छाबड़ा ने कही। निविदा एवं संविदा विषय पर आयोजित सेमीनार में उन्होंने कहा कि पूर्व मध्य रेल यात्री सुविधाओं के प्रति तत्पर है। साथ ही लक्ष्य के अनुरूप राजस्व भी हासिल किया जा रहा है। इस मौके पर वरिष्ठ उप महाप्रबंधक बीपी गुप्ता ने कहा कि टेंडर जारी करने से पहले टेंडर के सभी पहलुओं की जांच की जानी चाहिए ताकि रेलवे के राजस्व को किसी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि टेंडर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केन्द्रीय सतर्कता आयोग तथा रेलवे बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन किया जाना चाहिए। टेंडर संबंधी दस्तावेज जारी करने से पहले उसकी जांच पड़ताल अच्छी तरह से की जानी चाहिए। सेमीनार में उप मुख्य सामग्री प्रबंधक पीके सिन्हा ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान प्राप्त शिकायतों को टेंडर कमेटी द्वार संज्ञान में रखा जाना चाहिए। साथ ही टेंडर फाइनल करते हुए उन शिकायतों को भी ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा टेंडर कमेटी के सदस्यों को किसी अन्य व्यक्ति को टेंडर संबंधी दस्तावेज नहीं सौंपना चाहिए। पूर्व मध्य रेल के उप मुख्य अभियंता शैलेन्द्र कुमार गुप्ता ने टेंडर और प्राक्कलन से संबंधित विभिन्न चरणों की जानकारी देते हुए कहा कि समान कार्यो के लिए शर्ते भी समान होनी चाहिए। अलग-अलग टेंडर में दूसरे के विरोधाभाषी शर्ते नहीं रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्य आवंटन से संबंधित अन्य नियमों का पालन भी उतना ही जरूरी है। सेमीनार में उप मुख्य लेखा अधिकारी अभिजीत कुमार ने कहा कि आय संबंधी टेंडर में समय का महत्व अधिक होता है। टेंडर पर अंतिम निर्णय लेने में जितना वक्त लगेगा उतना ही रेलवे के राजस्व की क्षति होगी। इसलिए टेंडर के हर चरण में समय का ध्यान रखा जाना चाहिए। सेमीनार को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान मुजफ्फरपुर के प्राचार्य जफर आजम ने कहा कि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि वाणिज्य कर्मियों को टेंडर करने में डर लगता है। नियमों की कम जानकारी की वजह से ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि टेंडर से संबंधित रेलवे के नियम काफी स्पष्ट है। उन नियमों का पालन करते हुए पार्किंग, विज्ञापन, साइकिल स्टैंड, बुक स्टाल, कैटरिंग यूनिट, एटीएम तथा जन साधारण बुकिंग सेवक से संबंधित टेंडर के मामलों का निस्तारण किया जाना चाहिए। सेमीनार में पूर्व मध्य रेल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवा) एसके नायक, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एफएम राधेश्याम, सीसीएम कैटरिंग मो. ओवैस, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवा) दिलीप कुमार, सहायक वाणिज्य प्रबंधक कैटरिंग एन अनवर, सहायक वाणिज्य प्रबंधक एफएम एस भट्टाचार्य, एसीएम एस मिश्रा, सीसीएम के निजी सचिव अर्जुन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। | ||