| - ...ताकि कोई ट्रेन लेकर भाग न जाए - Amar Ujala by riteshexpert on 23 July, 2013 - 06:00 PM | ||
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riteshexpert | - ...ताकि कोई ट्रेन लेकर भाग न जाए - Amar Ujala on 23 July, 2013 - 06:00 PM | |
वाराणसी। बाइक, कार वगैरह सड़क पर छोड़ने से पहले उसमें ताला बंद करने की सावधानी तो लोग बरतते ही हैं, लेकिन पटरी पर रेलगाड़ी को छोड़ने से पहले लॉक करने की हिदायत आपको अजीबोगरीब लग सकती है। जी हां, ऐसी हिदायत पर अमल ड्राइवरों के लिए रेलवे के बड़े अफसरों ने जरूरी कर दिया है। ड्राइवरों से कहा गया है कि वे वाराणसी के स्टेशनों पर बिना लॉक किए ट्रेन के इंजन को कतई न छोड़ें, इस अंदेशे के कारण कि कोई उसे लेकर भाग न जाए। अंदेशा बेवजह भी नहीं है। करीब दस साल पहले मंड़ुवाडीह स्टेशन से कांवरिया ट्रेन लेकर इलाहाबाद भाग गया था। वहां ट्रेन को ब्रेकर के जरिए किसी तरह रोका गया था। यह घटना सावन के दौरान ही हुई थी। बलिया जाने वाली पैसेंजर ट्रेन का रेक मंडुवाडीह स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर इंजन के साथ लगा था। कांवरिया रात करीब 12.30 बजे इंजन में सवार हुआ और ट्रेन को लेकर भागने लगा। रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कहीं कोई बड़ा हादसा ना हो जाए इसलिए सभी स्टेशनों पर ट्रेन को ग्रीन सिगनल दिया गया। इस बीच इलाहाबाद सिटी स्टेशन पर ट्रेन को ब्रेकर प्वाइंट पर रोकने की पूरी व्यवस्था की गई। ब्रेकर लाइन पर ट्रेन पहुंची तो वहां पर डाले गए बालू में इंजन धंसा और ट्रेन रुक गई। कांवरिया गिरफ्तार हुआ कानूनी कार्रवाई की गई। महज ढाई घंटे में यह ट्रेन वाराणसी से इलाहाबाद पहुंच गई थी। जबकि आम तौर पर अब भी इस रूट से इलाहाबाद पहुंचने में ट्रेनों को तीन घंटे से अधिक समय लग जाते हैं। | ||