Indian Railways News => Topic started by railgenie on Jul 18, 2012 - 21:18:29 PM


Title - हरिद्वार व पुणे तक ट्रेनें चलाने के प्रस्ताव
Posted by : railgenie on Jul 18, 2012 - 21:18:29 PM

उदयपुर। लंबे रूट पर सप्ताह में एक दिन चलने वाली दो ट्रेनों के खाली रैक तीन दिन तक उदयपुर क्षेत्र के रेलवे यार्ड में खड़े रहते हैं। पार्किग अवधि में इन डिब्बों को जरूरत वाले मार्गो पर चलाया जा सकता है जिससे रेलवे के संसाधनों का उपयोग होगा व यात्रियों को सफर की सुविधा मिलेगी।



उदयपुर से सियालदाह व शालीमार तक चलने वाली साप्ताहिक गाड़ियों के डिब्बों का ट्रेन के रूप में इस्तेमाल करने का सुझाव उत्तर पश्चिम रेलवे सलाहकार समिति ने जोन के महाप्रबंधक को दिया था।



सुझाव में बताया गया कि पश्चिमी बंगाल के सियालदाह से आने वाली ट्रेन सियालदाह एक्सप्रेस प्रत्येक सप्ताह के शनिवार तड़के 3 बजे उदयपुर सिटी आ जाती है।



यह ट्रेन सोमवार को रात 12.30 बजे सियालदाह के लिए प्रस्थान करती है। सियालदाह एक्सप्रेस का रैक 72 घंटे तक उदयपुर क्षेत्र के देबारी या खेमली स्टेशन के यार्ड में रखना पड़ता है।



शालीमार से उदयपुर तक चलने वाली शालीमार एक्सप्रेस मंगलवार सुबह 8.30 बजे यहां सिटी स्टेशन पहुंचती है। यह ट्रेन शुक्रवार रात 8 बजे शालीमार के लिए प्रस्थान करती है। चार दिन तक इस ट्रेन का रैक भी आसपास के छोटे स्टेशनों पर पार्क किया जाता है।



दोनों सुपरफास्ट ट्रेनों के रैक फालतू खड़े रखने से रेलवे को लाभ नहीं है बल्कि इनकी रखवाली के लिए रेलवे सुरक्षा बल के जवान लगाने पड़ते हैं। नीमच-उदयपुर के बीच चलने वाली लोकल ट्रेन भी रोजाना 3.30 घंटे सिटी स्टेशन पर खड़ी रहती है।



॥क्षेत्र के विकास के लिए पुणो, हरिद्वार, चंडीगढ़, बैंगलोर तक ट्रेनें चलाने की मांग मैं रेल मंत्री से कर चुका हूं। अगले बजट से पूर्व उदयपुर में खाली पड़े रहने वाले रैकों के उपयोग के सुझाव भी रेल मंत्रालय को दूंगा। रघुवीर मीणा, सांसद



सलाहकार समिति के सुझाव

उत्तर पश्चिम रेलवे की जोनल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य गोपाल कृष्ण शर्मा व रेल बजट के समीक्षक लाल कुमार चुग ने यार्ड में खाली खड़े रहने वाले रैकों के उपयोग को लेकर महाप्रबंधक को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। महाप्रबंधक ने सुझाव रेलवे बोर्ड तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।



ञ्च उदयपुर से पुणो तक एक सियालदाह या शालीमार के रैक को सप्ताह में एक दिन चलाने से लेकसिटी के यात्री लाभांवित होंगे। शहर व आसपास के करीब 2 हजार छात्र पुणो के कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इन छात्रों व उनके अभिभावकों के आने जाने के लिए सीधी ट्रेन बेहद जरूरी है।



ञ्च हरिद्वार तक सप्ताह में एक दिन ट्रेन चलाई जाए तो मेवाड़ वासियों को दिवंगतों के अस्थि कलश ले जाने की सुविधा मिलेगी। तीर्थ यात्रा पर जाने वालों को भी रेल के सफर से राहत मिलेगी। ञ्च उदयपुर-नीमच के बीच चलने वाली लोकल ट्रेन का सिटी स्टेशन पर ठहराव 3 घंटे से अधिक है।



इस अवधि में इस लोकल ट्रेन को उदयपुर से मावली होकर नाथद्वारा के मंडियाना स्टेशन तक चलाया जा सकता है जिससे 30 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 16 किमी लंबी इस रेल लाइन का उपयोग हो सकेगा।