Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Aug 08, 2013 - 00:01:44 AM


Title - हर माह रेलवे को लाखों का चूना!
Posted by : nikhilndls on Aug 08, 2013 - 00:01:44 AM

मुरादाबाद। फर्जी टिकट बुक (ईएफटी) द्वारा हर महीने रेलवे को 50 लाख का चूना लगाया जा रहा है। टीटीई की गिरफ्तारी के बाद उत्तर रेलवे महाप्रबंधक वीके गुप्ता इस मामले में काफी गंभीर है। पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए प्रकरण की जांच सीबीआइ को सौंपी जा सकती है।
इन दिनों यूनियन नेताओं ने ओपन स्कवायड व सामान्य स्क्वायड फिर शुरू कराने के लिए सीनियर डीसीएम के खिलाफ पोस्टर वार शुरू कर रखी है।
सूत्रों की मानें तो हर माह फर्जी टिकट बुक के जरिए रेलवे को 50 लाख रुपये से अधिक का चूना लग रहा है। स्क्वायड खत्म होने के बाद माफिया टीटीई द्वारा श्रमजीवी, राप्ती गंगा, गरीब नवाज काशी विश्वनाथ, अवध असम एक्सप्रेस, न्यू फरक्का एक्सप्रेस, एनजेपी सुपरफास्ट जैसी ट्रेनों में अपनी ड्यूटी लगवाने का प्रयास किया जाता है, क्योंकि इन ट्रेनों में बिहार जाने वाले ज्यादातर मजदूर जनरल टिकट लेकर स्लीपर कोच में सवार हो जाते हैं। संबंधित टीटीई इनसे नकली टिकट बुक के जरिए वसूली करते हैं।
इसकी शिकायत के आधार पर पिछले दिनों डीआइजी अमरेंद्र कुमार ने डीआरएम, एसपी रेलवे को पत्र भेज कर कहा कि राप्ती गंगा एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस में कुछ टीटीई फर्जी टिकट काटने के साथ ही महिला यात्रियों से छेड़छाड़ भी करते हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक वीके गुप्ता इस मामले का खुलासा होने के बाद काफी गंभीर हैं। उन्होंने विजिलेंस को पूरे मामले का खुलासा करने को कहा है। नियम के अनुसार केंद्र सरकार के किसी भी आफिस में दस लाख से अधिक के घोटाले की जांच सीबीआइ कर सकती है। रेलवे की विजिलेंस टीम इसी के आधार पर जांच कर रही है, जिससे यह मामला भी सीबीआइ को सौंप सके।
अपर मंडल रेल प्रबंधक हितेंद्र मेहरोत्रा ने कहा कि रेलवे की विजिलेंस व जीआरपी अपने स्तर पर जांच कर रही है। मंडल मुख्यालय से जो भी सूचना मांगी जाएगी वह उपलब्ध करा दी जाएगी।