Indian Railways News => Topic started by RailEnquiry Admin on Jul 24, 2017 - 11:30:41 AM


Title - सुपरफास्ट चार्ज के नाम पर रेलवे ने की 11 करोड़ से अधिक की कमाई परन्तु ट्रेनें 95 फीसदी समय चली विलम्ब से
Posted by : RailEnquiry Admin on Jul 24, 2017 - 11:30:41 AM

भारतीय रेल ने गत तीन वर्षों में सुपरफास्ट चार्ज के नाम पर 11 करोड़ रूपए से ज्यादा यात्रियों से वसूलें हैं परन्तु जिन ट्रेनों पर सुपरफास्ट चार्ज लगाए जाते हैं वो 95 फीसदी देरी से पहुँचती हैं | सीएजी की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है | 
वर्ष 2013 से 2016 के डाटा को परखने के बाद ये बात सामने आई है की सुपरफास्ट चार्ज के नाम पर तो पैसा वसूला जाता है परन्तु इससे यात्रियों को कोई फायदा नहीं पहुँचता | दरअसल सुपरफास्ट चार्ज रेलवे इस नाम पर वसूलती है कि ये ट्रेनें अन्य एक्सप्रेस, मेल और पैसेंजर ट्रेनों को रोककर पास कराइ जाती हैं | इसके अलावा जो भी ट्रेन 55 किमी या उससे अधिक औसत गति से चलती है भारतीय रेल उसे सुपरफास्ट श्रेणी में रखता है | 
इन ट्रेनों के विलम्ब होने का कारण ये होता है कि ये ट्रेनें 55 किमी की औसत गति से नहीं चल पाती हैं | वहीँ इसकी अपेक्षा एक्सप्रेस और मेल ट्रेनें औसतन ज्यादा समयनिष्ठ रही हैं | 

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