Indian Railways News => Topic started by irmafia on Aug 19, 2013 - 17:57:43 PM


Title - सात दिन बाद भी विजिलेंस के हाथ खाली
Posted by : irmafia on Aug 19, 2013 - 17:57:43 PM

जबलपुर. दो बेरोजगार युवकों को रेल विभाग में नौकरी का झाँसा दिला उनसे ढाई लाख रुपये हड़पने के बाद जबलपुर केंद्रीय रेल चिकित्सालय पहुँच पीरियाडिकल मेडिकल टेस्ट कराने आए भोपाल रेल मंडल के संरक्षा विभाग में पदस्थ प्यून को विजिलेंस टीम ने पकड़ते हुए इस फर्जी वाडे का खुलासा तो किया था. लेकिन विजिलेंस ने यह सोचा भी नही होगा की. जाँच उपरांत उसे कई राज और मिल सकते है. लेकिन उक्त रेल कर्मचारी को विजिलेंस ने सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया था. जहाँ से उसे न्यायालय में पेश किया गया था. न्यायालय के आदेश पर उक्त कर्मेे जेल की सलाखों के पीछॆ पहुँच गया.
विजिलेंस ने खंगाला रिकार्ड, हांथ आया शून्य - उक्त रेल कर्मी को पुलिस के हवाले करने के बाद विजिलेंस टीम के सदस्यों ने गुप्त रुप से भोपाल स्थित उक्त कर्मी के कार्यालय में दबिश दी. लेकिन इस दौरान टीम को यह मालूम पड़ा कि कर्मी काफी दिनों से ड्यूटी से नदारद है. इस दौरान विजिलेंस को कोई ख़ास जानकारी हांथ नही आई.
कर्मी के छूटने की प्रतीक्षा में - विजिलेंस के करीबी सूत्रों के मुताबिक अब विजिलेंस की नजर जेल में बंद प्यून ओम प्रकाश नरवरिया पर है. जैसे ही नरवरिया जेल से जमानत पर बाहर आयेगा. वैसे ही विजिलेंस टीम अन्य संबंध में उससे पूछताछ कर सकती है. और विजिलेंस इस भरोसे पर है. कि पूछताछ के दौरान कई फर्जी वाडे का खुलासा हो सकता है.
ठगे गए युवक काट रहे विजिलेंस के चक्कर - नौकरी के नाम पर अपनी पूँजी गँवा चुके दोनों बेरोजगार युवक उदयपुरा भोपाल के नांदेश्वर चौकसे और घनश्याम अब इस आस पर विजिलेंस के कर्मचारियों के चक्कर काट रहे है कि उन्हें टीम के सदस्यों ने सच्चाई सामने लाने पर रुपये वापिस दिलाने का आश्वासन दिया था. लेकिन सच्चाई सामने आ जाने के बाद विजिलेंस टीम के सदस्य अब इनसे आँखें तक नही मिला रहे है.