Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Jul 22, 2013 - 21:00:35 PM


Title - साकेत के पार्सल यान से लाखों का सामान चोरी
Posted by : railenquiry on Jul 22, 2013 - 21:00:35 PM

प्रतापगढ़। साकेत एक्सप्रेस के पार्सल यान से चोरों ने लाखों रुपये का सामान पार कर दिया। इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी। इसमें आधा दर्जन स्थानीय व्यापारियों का सामान था। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर इसकी जानकारी व्यापारियों को हुई तो हड़कंप मच गया। सभी के पैकेट से कुछ न कुछ सामान गायब हुआ है। आरपीएफ ने गायब सामानों की सूची तैयार की है।
शहर के व्यापारी अरुण कुमार, बब्बू सहित पांच और मऊआइमा के एक व्यापारी मो.कयूम ने मुंबई से कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन संबंधी सामान बुक कराए थे। सामान कई पैकेटों में बंधा था। ट्रेन आने से पहले व्यापारी स्टेशन पहुंच गए। पार्सल यान से सामान उतरने लगा तो खाली डिब्बे देख वे चौंक गए। सामान गायब होने की सूचना आरपीएफ को दी गई। आरपीएफ ने व्यापारियों से बात कर बिल्टी की रसीद देखी और लिस्ट बनाई तो पता चला कि लगभग साढ़े तीन लाख रुपये का सामान गायब हुआ है। मऊआइमा के व्यापारी मो.कयूम ने बताया कि उसके पैकेट में महंगे कपड़े थे। एक-एक पैंट चार से पांच हजार रुपये की थी। व्यापारियों ने बताया कि ट्रेन की खिड़की काटने के बाद चोरों ने पैकेट की सील काटी और जिस पैकेट में महंगे सामान थे उन्हें उठा ले गए। डिब्बे में कुछ सामान बिखेर भी दिए। आरपीएफ को आशंका है कि घटना नैनी के आसपास हुई होगी।
ट्रेनों के पार्सल यान से पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके पहले पद्मावत एक्सप्रेस से लखनऊ और कानपुर के बीच में लाखों का माल गायब कर दिया गया था। यही नहीं इन स्थानों पर अक्सर महंगे सामान ट्रेन की खिड़की काटकर गायब कर दिए जाते हैं। साकेत एक्सप्रेस ट्रेन में भी नैनी के आसपास के इलाके में ऐसी घटनाएं घटी हैं। व्यापारियों ने बताया कि इलाहाबाद से इस डिब्बे में गार्ड बैठकर आया था। सामान भरा होने के कारण खिड़की की तरफ उसका ध्यान नहीं गया। इसी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरी नैनी के आसपास ही हुई है। सामान की बुकिंग कराने वाले व्यापारी चोरी होने के बाद भी सामान ले जाने की जल्दी में दिखे। कई व्यापारी रिपोर्ट दर्ज कराने के भी इच्छुक नहीं थे। लगता है कि वे भी सामान लाने और ले जाने में खेल करते हैं। सामान चोरी होने से वे परेशान तो थे लेकिन वे स्टेशन से अपना सामान जल्द हटाने में जुटे थे। आरपीएफ के सिपाहियों ने भी उनसे सेटिंग कर सामान ले जाने के लिए कह दिया। सिर्फ मो. कयूम ही रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आरपीएफ थाने में दोपहर तक रुके रहे। उसने बताया कि सामान की पक्की रसीद आ रही है। इसके बाद ही कितने का सामान गायब हुआ है, सही जानकारी हो सकेगी।