Indian Railways News => Topic started by irmafia on Sep 20, 2013 - 21:00:47 PM


Title - विदा हुई लाइफ लाइन एक्सप्रेस
Posted by : irmafia on Sep 20, 2013 - 21:00:47 PM

शुक्रवार, 20 सितंबर 2013
JhansiUpdated @ 5:39 AM IST
झांसी। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड द्वारा सामाजिक दायित्व योजना के अंतर्गत व इम्पेक्ट इंडिया के सहयोग से प्रायोजित लाइफ लाइन एक्सप्रेस 24 दिन के सफलतापूर्वक संचालन के बाद झांसी से विदा हो गई। 28 अगस्त से 19 सितंबर तक विभिन्न रोगों से पीड़ित 19719 मरीजों ने ट्रेन में मौजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज कराया। इस दौरान 466 मरीजों के आपरेशन किए गए।
गुरुवार को रेलवे की वीआईपी साइडिंग में आयोजित समापन अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि किसी कार्यक्रम की सफलता उससे जुड़ाव व आत्मीयता पर ही निर्भर होती है। फंड की उतनी महत्ता नहीं होती है। लाइन लाइन के उद्देश्य को पूरा करने के लिए भेल परिवार, सीएसआर कमेटी, वालटिंयर्स व चिकित्सा विशेषज्ञों ने जिस तरह की मेहनत की, वह अनुकरणीय है। यह ट्रेन ललितपुर में पहले नवंबर माह में आने वाली थी, लेकिन अब फरवरी 2014 में आएगी। इस दौरान मऊरानीपुर में भी एक्सप्रेस को ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक ए के दवे ने बताया कि झांसी में बीस हजार रजिस्ट्रेशन ने रिकार्ड बनाया है।
इस मौके पर महाप्रबंधक (ट्रांसफार्मर एवं सेवाएं) विश्वास भावे, महाप्रबंधक (लोकोमोटिव एवं फेब्रीकेशन) मुकेश खासगीवाला, अपर महाप्रबंधक एच के वर्मा, अरविंद वशिष्ठ, मृत्युंजय नेपाली, शंहशाह हैदर आब्दी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कल्याण अधिकारी आफताब अली ने किया।

इन्होंने कराए पंजीकरण
झांसी। लाइफ लाइन एक्सप्रेस 24 दिन तक लगातार विभिन्न रोगों के रोगियों की चिकित्सा के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करती रही। कान के रोगियों के 4158, पोलियो के 756, जले एवं कटेफटे होंठ के 772, मिर्गी के 378, दांत के 4927 एवं आंख के 8728 रजिस्ट्रेशन हुए। इस ट्रेन में कान के रोगियों के 211 आपरेशन एवं 292 व्यक्तियों को श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। 530 लोगों को दवा एवं उचित चिकित्सीय सलाह दी गई। पोलियो के 12 मरीजों की सर्जरी एवं 13 लोगों को कैलीपर वितरित किए गए। जले एवं कटेफटे होंठ के कुल 26 रोगियों की सर्जरी की गई। मिर्गी के 269 लोगों को चिकित्सीय सलाह दी गई। दांत के 2068 मरीजों को दांतों के रखरखाव के लिए चिकित्सीय सलाह एवं दवाएं दी गईं। 521 रोगियों के दांतों की जांच कर आवश्यक चिकित्सा जैसे फिलिंग आदि की गई। आंख के लगभग अधिकांश मरीजों को देखा गया एवं 217 मोतियाबिंद के सफल आपरेशन किए गए।

इनका भी रहा सहयोग
इस कार्य में नई दिल्ली, लखनऊ सहित विभिन्न स्थानों से आए चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा निर्वाध रूप से चिकित्सा सहायता एवं सर्जरी कार्य किया गया। भेल के अलावा रेलवे चिकित्सालय, मेडिकल कालेज,जिला अस्पताल, विद्यावती कालेज आफ नर्सिंग स्टाफ व नेहरू युवा केंद्र के कार्यकर्ताओं का योगदान रहा।