Indian Railways News => Topic started by sushil on Jun 26, 2013 - 21:01:19 PM


Title - लाइन है ट्रेन नहीं
Posted by : sushil on Jun 26, 2013 - 21:01:19 PM

धनबाद से दिल्ली के लिए शीघ्र दिया जाए ट्रेन
स्टेशन के उत्तरी एवं दक्षिण छोर के विकास में लाया जाए तेजी
प्रमुख ट्रेनों में बढ़ाया जाए कोच
दिल्ली की बेरुखी के कारण सुगम रेल सेवा के लिए तरस रहा धनबाद, इतने वर्षो के बाद भी धनबाद से दिल्ली के लिए नहीं मिली सीधी ट्रेन
रेल परिवहन की राह में रोड़े
धनबाद देश की कोयला राजधानी है। धनबाद रेल मंडल आठ हजार करोड़ रुपये की आय देता है। विभिन्न माध्यमों से केन्द्र सरकार को प्रति माह करोड़ों रुपये राजस्व स्वरुप प्राप्त होते हैं, लेकिन यह कोयलांचल का दुर्भाग्य ही है कि यहां अभी तक रेल की सुगम सेवा उपलब्ध नहीं है। आज तक धनबाद से सीधे दिल्ली के लिए ट्रेन नहीं मिल पायी है। मुंबई, बंगलोर आदि महानगरों के लिए भी यहां से सीधी कनेक्टीविटी का अभाव है। और तो और जो ट्रेनें यहां से खुलती है उसमें भी बोगियों की कमी बड़ी समस्या है। स्टेशन पर यात्री सुविधाएं तो बढ़ायी जा रही हैं, लेकिन मौर्य एक्सप्रेस, गंगा दामोदर एक्सप्रेस, गंगा सतलज एक्सप्रेस समेत तमाम ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और सीट का नहीं मिलना भी लोगों को खलता है।
धनबाद रेल मंडल की अनदेखी : धनबाद मंडल रेलवे का महत्वपूर्ण कमाऊ डिवीजन है पर इसके बाद भी रेल मंत्रालय की कृपा इस मंडल को नहीं मिलती। वर्षोँ से धनबाद से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की मांग की जा रही है लेकिन मंत्रालय पर कोई फर्क नहीं पड़ रहाहै। हर रेल बजट के पूर्व यहां के लोगों में बंधती है और बजट पेश होते ही टूट जाती है। दिल्ली ही क्यों, मुंबई और बंगलोर जैसे महानगर के लिए भी यहां से सीधी ट्रेन नहीं है। यात्री सुविधाओं के मामले में भी धनबाद की आवाज अक्सर मंत्रालय मे नहीं सुनी जाती। इस कारण यहां रेल का सफर बहुत सुगम नहीं है। प्रतिनिधियों की खामोशी: धनबाद के जनप्रतिनिधियों की दिल्ली में दमदार उपस्थिति नहीं होने के कारण भी रेल परिवहन में धनबाद को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। बजट के पूर्व यहां के लोग सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज भी उठाते हैं पर यह दिल्ली तक नहीं पहुंच पाती। इस कारण धनबाद कई सुविधाओं से वंचित है ।
कोच की कमी : धनबाद रेल मंडल के पास पर्याप्त मात्र में बोगियां भी नहीं है जिस कारण सीट के लिए पूरे वर्ष आपाधापी मची रहती है। खासकर बिहार और यूपी जानेवाली ट्रेनों में सीट नहीं होने के कारण यात्रियों को कष्ट सहते हुए सफर करना पड़ता है। पर्व त्योहारों के मौसम में तो मुसीबत और बढ़ जाती है। अतिरिक्त कोच नहीं होने के कारण यात्रियों को कंफर्म सीट नहीं मिल जाती। जाना जरूरी होता है इसलिए यात्री खड़े होकर या फिर गेट पर लटककर सफर करने को विवश होते हैं। धनबाद स्टेशन पर एक ट्रेन में सीट पाने को मची आपाधापी। रेलवे धनबाद के यात्रियों की सुविधा के लिए यहां से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की सुविधा उपलब्ध करा दे। धनबाद स्टेशन के दक्षिणी छोर का भी विकास किया जा रहा है। इससे भी यात्रियों को राहत मिलेगी।