Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Jun 25, 2013 - 20:00:30 PM


Title - रेलवे स्टेशन हो रहा भुतहा, बच्चे भी लगे हैं डरने - Nagpur
Posted by : riteshexpert on Jun 25, 2013 - 20:00:30 PM

नागपुर. रेलवे स्टेशन का टिकट और रोंगटे खड़े कर देने वाला हॉरर शो। विश्वास न हो तो प्लेटफार्म टिकट ही काफी है। इस समय यह शो नियमित है। बार-बार हटाने के बावजूद यह शो परिसर से हटने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार की शाम तो दुर्घटना होते-होते बची। प्लेटफार्म नंबर एक पर गाड़ी के इंतजार में खड़े कई यात्री हड़बड़ा उठे।  औरत के चिखने की आवाज आई।  बिखरे बाल, फटे कपड़े। दोनों हाथ ऊपर उठाए वह तेजी से भागती जा रही थी। थोड़ी दूर जाकर रूक गई और ठहाके मार कर हंसने लगी। कुछ देर बाद वापस उसी अंदाज में दौड़ पड़ी। करीब 15 से 20 मिनट वह ऐसा करती रही। इस दौरान कई यात्री तो  हड़बड़ा कर इधर-उधर भागने लगे। कुछ देर बाद वह गायब हो गई। आवाक् यात्री पूछते रहे-वो कौन थी?

 हर रोज की बात

यह दृश्य आम है, लेकिन यहां रहने वालों के लिए। परिसर में कई मानसिक रोगियों की उपस्थिति देखी जा रही है। उपरोक्त महिला भी मानसिक रोगी ही बताई जा रही है। वर्षो से परिसर में है, लेकिन किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है, मगर उसके चलते किसी की कभी भी जान जा सकती है। हाल ही में पूर्वी द्वार पर मानसिक रोगियों ने हमला कर दिया था। यात्रियों में भगदड़ तक मची थी। पत्थर लगने से एक यात्री घायल भी हुआ था।

बाद में पता चला कि मानसिक रोगियों ने किसी बात को लेकर एक साथ परिसर में पत्थर फेंके थे। आरपीएफ इन्हें भगाती तो है, लेकिन स्टेशन के दर्जनों दरवाजों का फायदा इन्हें मिल जाता है। मुख्य द्वार से मना करने पर यह किसी भी दरवाजे से दबे पांव परिसर में पहुंच जाते हैं।

डर गए थे बच्चे

गाड़ी के इंतजार में पटरी के आखिरी कोने की तरफ देख रहे थे। अचानक औरत के चिखने की आवाज आई तो लगा कुछ हुआ है। सामने देखा तो एक औरत हमारी ओर ही चिखती आ रही थी।  बच्चे काफी डर गए थे।

मुकेश पांडे, यात्री 



पता नहीं कौन थी

गाड़ी आने में थोड़ा समय बाकी था। इसलिए लगेज के पास बैठे-बैठे झपकी ले रहा था। अचानकर चिखने की आवाज सुन, लगा किसी महिला से झगड़ा हुआ है। कुछ ही पल बाद एक औरत हमारे सामने लगभग दौड़ती हुई गई। पता नहीं, कौन थी?

निलेश गुप्ता, यात्री



फिर चलाया जाएगा अभियान

परिसर से मानसिक रोगियों को कई बार हटाया गया है। वाणिज्य विभाग के साथ मिलकर अभियान भी चलाया जा चुका है। उस वाकये के बाद अभियान फिर चलाया जाएगा।

इब्राहिम शरीफ, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, मध्य रेलवे नागपुर

पहुंचा सकते हैं नुकसान

जोर से चिल्लाकर भागना सीजोफ्रेनिया नामक बीमारी है। आम भाषा में इसे पागलपन कहा जा सकता है। इस बीमारी में मरीज जब तक शांत है, तब तक ठीक है।  आक्रामक होने पर किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता है।  चिढ़ाने या परेशान करने पर वह नुकसान पहुंचा सकता है।

डॉ. शामल सराटकर, मनोचिकित्सक