Indian Railways News => Topic started by RailXpert on Sep 21, 2013 - 15:55:42 PM


Title - रेलवे वेंडरों ने लगाई इंसाफ की गुहार
Posted by : RailXpert on Sep 21, 2013 - 15:55:42 PM

रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले लाइसेंसी कमीशन वेंडर अपने भविष्य को लेकर खासे चिंतित हैं। वेंडरों का आरोप है कि नियमों का उल्लंघन कर 60 वर्ष की उम्र में उन्हें जबरन सेवानिवृत्त किया जा रहा है। उन्होंने इस बारे में रेल मंत्री को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
वेंडरों का कहना है कि एक तरफ सरकार वरिष्ठ नागरिकों को कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ गरीबों के लिए भोजन की गारंटी की घोषणा कर रही है। वहीं गरीब रेलवे वेंडरों को बुजुर्ग होने पर बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के सेवानिवृत्त किया जा रहा है। उनका आरोप है कि ऐसा कर रेलवे अधिकारी रेलवे की खान-पान नीति 2010 का उल्लंघन कर रहे हैं।
वेंडर्स वेलफेयर सोसाइटी उत्तर रेलवे के संरक्षक रविंद्र गुप्ता का कहना है कि नई खान-पान नीति 2010 एवं रेल मंत्रालय द्वारा इसमें किए गए संशोधनों में कहीं भी कमीशन वेंडर को सेवानिवृत्त करने का उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद ऐसा करके सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बिना कार्मिक अथवा वित्त विभाग की मंजूरी के कमीशन वेंडरों को 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त करने के लिए रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2005 में निर्देश जारी किया था। रेल मंत्रालय ने नई खान-पान नीति 2010 को जारी करके इस निर्देश को रद कर दिया था। इसके बावजूद कई कमीशन वेंडरों को सेवानिवृत्त कर दिया गया है जबकि कई को सेवानिवृत्त करने की तैयारी है।
संगठन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राघव का कहना है कि नई दिल्ली से 20 लोगों को सेवानिवृत्त कर दिया गया है। तीन वेंडरों की मृत्यु होने पर उनके बच्चों को लाइसेंस भी नहीं दिया गया। वेंडरों का कहा है कि रेलवे ने आइआरसीटीसी से खानपान का काम भी वापस ले लिया है। इसलिए अब वेंडरों को काम भी मिल जाता है।