Indian Railways News => Topic started by RailEnquiry Admin on Feb 20, 2018 - 14:03:18 PM


Title - रेलवे में 'डेथ क्लेम' के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी हुई उजागर
Posted by : RailEnquiry Admin on Feb 20, 2018 - 14:03:18 PM

पूर्व मध्य रेलवे के क्लेम ट्रिब्युनल में यात्रियों की मौत पर मिलने वाले मुआवजे के नाम पर बड़ी हेरा फेरी किये जाने का मामला उजागर हुआ है | सितम्बर 2015 से अगस्त 2017 के बीच ट्रेन से गिरे या फिर काटने से वाली मौतों पर मिलने वाली मुआवजे की राशि में ये बड़ा घोटाला किया गया है | कैग टीम की ऑडिट में इस गड़बड़ी का मामला सामने आया है |
ऐसे होता रहा खेल 
कोई यात्री जा ट्रेन से गिरकर या कटकर मरता है तो सबसे पहले स्टेशन प्रबंधक की ओर से जीआरपी को मेमो दिया जाता है | इसके बाद जीआरपी शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजती है | अधिकांश मामलों में जीआरपी जाँच रिपोर्ट शीघ्र सौंप देती है | मरने के 60 दिनों के बाद रेलवे क्लेम ट्रिब्युनल में क्लेम के लिए मृतक के परिजन की ओर से आवेदन दिया जाता है | मृतक के पहचान पत्र के साथ ही परिजन को बैंक खाता नंबर देना पड़ता है | ट्रिब्युनल  की ओर से जाँच के लिए आरपीएफ को जाँच के लिए चाहता है जिसके बाद मुआवजा दिया जाता है |
सितम्बर 2015 से अगस्त 2017 के दौरान ऐसे अधिकांश मामलों में आरपीएफ की ओर से जाँच रिपोर्ट भेजने के पहले ही मुआवज़ा देने का आदेश ट्रिब्युनल की ओर से दे दिया गया था | ऐसे कई मामलों में ट्रेन से कटने की पुष्टि नहीं किये जाने के बावजूद भुगतान का आदेश जारी कर दिया गया है |

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