Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Jun 27, 2013 - 15:00:51 PM


Title - रेल के 'तत्काल' गोरखधंधे में सामने आया यह सच
Posted by : puneetmafia on Jun 27, 2013 - 15:00:51 PM

मुंबई से चल रहे तत्काल कोटे के टिकट के खेल में वहां के 27 रेल आरक्षण केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों की सूची और वहां से जारी होने वाली टिकटों की संख्या से जुड़ी अहम रिपोर्ट लखनऊ से रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है।

उधर, मुंबई से लगातार 11 दिनों से जारी हो रहे तत्काल कोटे के खेल पर मध्य रेलवे कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। इससे अब भी अस्सी फीसदी तत्काल कोटे के टिकट मुंबई से ही बन रहे हैं।

लखनऊ और गोरखपुर तक के बीच के स्टेशनों पर रात भर लाइन लगाने के बावजूद पहला व दूसरा नंबर होने पर भी यात्रियों को वेटिंग के टिकट मिल रहे हैं।

जिन रेल आरक्षण केंद्रों पर तत्काल के टिकट बनाने का गोरखधंधा चल रहा है वह अधिकतर दक्षिणी मुंबई क्षेत्र के हैं। लखनऊ की एंटी फ्रॉड टीम ने सेंटर फॉर रेलवे इंफारमेशन सिस्टम (क्रिस) उत्तर की मदद से मुंबई के उन रेल आरक्षण केंद्रों का पता लगाया है, जहां दलाल रेलकर्मियों की मदद से तत्काल के टिकट बनवा रहे हैं।

24 जून को 25 जून का तत्काल आरक्षण खुलने पर इन 27 केंद्रों से कुशीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर श्रेणी के 302 में से 191 लोगों के टिकट बने थे जबकि ट्रेन (12541) गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल सुपरफास्ट एक्सप्रेस की कुल 107 में से 75 यात्रियों के टिकट 12 रेल आरक्षण केंद्रों से बन गए।

इस गोरखधंधे में मुंबई के एक पोस्ट ऑफिस का नाम भी सामने आ रहा है। उस पोस्ट ऑफिस में तत्काल के टिकट बन रहे हैं। यही नहीं, रिपोर्ट के मुताबिक शिरडी साईंधाम से लेकर कल्याण व मुंबई से दादर और उससे सटे वापी तक के रेल आरक्षण केंद्रों पर दलालों का राज है। इन रेल आरक्षण केंद्रों से पवन एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, महानगरी एक्सप्रेस सहित उत्तर भारत से मुंबई जाने वाली सभी मुख्य ट्रेनों के तत्काल टिकट निकल रहे हैं।

ऐसे बैठ रहा गणित
दलाल मुंबई लौटने वाले यात्रियों की जरूरत के मुताबिक, अपना मेहनताना तय करते हैं। सामान्य तौर पर स्लीपर श्रेणी का प्रति व्यक्ति एक हजार और एसी का दो हजार रुपये अतिरिक्त लिया जा रहा है। अकेले कुशीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर श्रेणी की 260 सीटों के लिए रोज करीब 2.60 लाख रुपये, एसी तृतीय व द्वितीय की 30 सीटों के लिए 60 हजार रुपये की कमाई दलाल कर रहे हैं।

ट्रेन (12541) गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में भी स्लीपर की 90 सीटों के लिए 90 हजार रुपये और एसी की दस सीटों के लिए 20000 रुपये की दलाली ली जा रही है। रोजाना केवल इन दो ट्रेनों की तत्काल सीटों के एवज में यात्रियों से वसूले गए 4.30 लाख रुपये दलालों के जरिए रेल आरक्षण केंद्रों के बाबुओं से लेकर अधिकारियों तक पहुंच रहे हैं।