Indian Railways News => Topic started by railgenie on Sep 16, 2013 - 23:56:49 PM


Title - मॉडल स्टेशन की छत बनाई और पानी निकासी की सुविधा ही नहीं दी
Posted by : railgenie on Sep 16, 2013 - 23:56:49 PM

बिलासपुर. मॉडल स्टेशन के प्लेटफार्म को शेडयुक्त तो बनाया गया, लेकिन बरसात में शेड (छत) पर गिरने वाले पानी के निकासी की सुविधा नहीं दी गई। यही वजह है कि बारिश होते ही प्लेटफार्म नंबर 1 में दो जगहों पर झरने की तरह पानी गिरता है। इससे आम यात्री परेशान हैं, वहीं इंजीनियरिंग विभाग बेपरवाह बना हुआ है।

मॉडल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 को शेड से कवर्ड किया गया है। तत्कालीन डीआरएम एलसी त्रिवेदी ने प्लेटफार्म को इस तरह से तैयार कराया कि ट्रेन से उतरने  वालों को आसमान स्टेशन के बाहर ही नजर आए। आम यात्रियों को दी गई सुविधा इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही के चलते परेशानी का सबब बन रहा है। दरअसल प्लेटफार्म को शेड से कवर्ड तो कर दिया गया, लेकिन पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई।

नए शेड का भी पानी पुरानी लाइन पर डाल दिया गया। इंजीनियरिंग विभाग ने सोचा ही नहीं कि छत की साइज बढऩे से पानी भी ज्यादा आएगा, यानी निकासी की व्यवस्था को भी दुरुस्त करना होगा। वर्तमान समय में छत के पानी की निकासी के लिए 9 इंच मोटे पाइप की दरकार है, जबकि पहले से लगा पाइप चार इंच का है।

यही कारण है कि झमाझम बारिश से पानी छत की नाली (मोरी) में जमा होने लगता है और थोड़ी देर बाद झरने की तरह गेट नंबर 3 के करीब दो जगहों पर गिरने लगता है।

दैनिक भास्कर ने इस समस्या को पहले भी सामने लाया, लेकिन इंजीनियरिंग विभाग की नींद ही नहीं टूटी। रविवार को हुई बारिश में भी पानी प्लेटफार्म पर गिरता रहा। आसपास बैठे यात्रियों को यहां से भागना पड़ा। बारिश होते तक आम यात्री परेशान होते रहे।

सुधार बारिश  के बाद होगा

पानी निकासी के लिए लगा पाइप छोटा पड़ गया है। इसे बदलने में खासा समय लगेगा, लिहाजा निर्माण कार्य बारिश के बाद शुरू करने की योजना है। आने वाले समय में समस्या दूर कर ली जाएगी।
आरके अग्रवाल, सीपीआरओ, एसईसीआर


रविवार को हुई बारिश से प्लेटफार्म का शेड झरने जैसा बहा।