Indian Railways News => Topic started by riteshexpert on Jul 18, 2013 - 16:00:04 PM


Title - मेट्रो के लिए तरस रहा पुराना शहर
Posted by : riteshexpert on Jul 18, 2013 - 16:00:04 PM

नए शहर को मेट्रो तो मिली, लेकिन उसमें अब पैर रखने की भी जगह नहीं है। वहीं अब पुराना शहर भी बेसब्री से मेट्रो के आने का इंतजार कर रहा है। इसके लिए लोगों ने न सिर्फ कई बार आंदोलन किए, बल्कि सीएम को ज्ञापन भी दिया। अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि विधानसभा चुनाव के पूर्व इस दिशा में कोई ठोस आश्वासन मिल सकता है। पुराने शहर में मेट्रो आने से जहां लोगों को जाम से राहत मिलेगी, वहीं समय व पैसे की भी बचत होगी।
तेजी से विश्व के नक्शे में अपनी जगह बना रही साइबर सिटी के पुराने शहर को अब मेट्रो की दरकार है। नए शहर का कुछ हिस्सा तो मेट्रो की जद में आ चुका है और बाकी के लिए विस्तार की प्रक्रिया पाइप लाइन में है। वहीं पुराने शहर में जाम की समस्या विकराल है। पार्किंग की जगह नहीं है, जिस कारण लोग, सड़कों पर ही गाड़ियों पार्क कर रहे हैं। इसी के चलते पुराना शहर अब बेसब्री से मेट्रो का इंतजार कर रहा है। यदि पुराने शहर में मेट्रो आई तो यहां की सड़कों पर संभवत ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। करीब दो साल से पुराने शहर के लोग नए शहर को पुराने शहर से जोड़ते हुए द्वारका मेट्रो से कनेक्टिविटी करने को लेकर आंदोलन भी कर रहे हैं। इसके लिए कोई हस्ताक्षर अभियान तो कई ने धरना, प्रदर्शन व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ज्ञापन भी सौंपे। सीएम के आश्वासन से लोगों को उम्मीद है कि इस संबंध में जल्द ही कोई निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाना है।
मेट्रो के इस रूट की उठ रही आवाज
वर्तमान में हुडा सिटी सेंटर, इफको चौक, एमजी रोड, सिकंदरपुर, कुतुबमीनार होते हुए दिल्ली से कनेक्टिविटी है। अब लोग पुराने शहर में दो रूट पर मेट्रो लाने कीआवाज बुलंद कर रहे हैं। पहला रूट हुडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक, राजीव चौक, लघु सचिवालय, जिला अस्पताल, बस स्टैंड से ज्वाला मिल, उद्योग विहार और वहां कापसहेड़ा होते हुए द्वारका मेट्रो लाइन तो दूसरा रूट बस स्टैंड, सदर बाजार, सेक्टर चार-सात चौक, रेलवे स्टेशन, सेक्टर चार-पांच चौक, पालम विहार,सेक्टर 22-23 होते हुए ज्वाला मिल पर मेट्रो दौड़ाने की मांग कर रहे हैं।