Indian Railways News => Topic started by RailXpert on Sep 20, 2013 - 18:00:39 PM


Title - मालगाड़ी की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत
Posted by : RailXpert on Sep 20, 2013 - 18:00:39 PM

मौत का बना जंक्शन : नौ माह में दस जने काल का ग्रास
जंक्शन पर हुआ हादसा, ट्रैक से होकर प्लेटफार्म नं. एक से दो पर जा रही थीं
कासं त्न सवाई माधोपुर
रेलवे लाइन क्रॉस करने के दौरान गुरुवार सुबह दो महिलाओं की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और ट्रेन में फंसे महिलाओं के क्षत विक्षत शव को निकालकर ट्रैक सुचारू किया। पुलिस ने मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

मलारना चौड़ निवासी कमला देवी (75) उनकी बहन के बेटे की बहू राजनगर निवासी भगवती देवी (62) के यहां आई हुई थी। दोनों को भगवती देवी के मूल गांव डूडीपुरा (सपोटरा) जाना था। सुबह करीब 4:45 बजे दोनों सवाई माधोपुर से मथुरा की ओर जाने वाली ट्रेन से नारायणपुर टटवाड़ा जाने के लिए प्लेटफार्म एक से दो पर जा रही थीं। इस दौरान भगवती देवी तो प्लेटफार्म पर चढ़ गई लेकिन कमला देवी चढ़ नहीं पाई। इस बीच लाइन नं. 3 से मालगाड़ी को आता देख भगवती देवी ने कमला देवी को हाथ से चढ़ाने का प्रयास किया लेकिन कमला देवी को बचाने के प्रयास में स्वयं भी ट्रैक पर गिर गईं और दोनों के मालगाड़ी की चपेट में आने से परखच्चे उड़ गए। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और महिलाओं के शवों को ट्रैक से निकालकर सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उनका पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द किया।

कंज्यूमर लीगल हेल्प सोसायटी अध्यक्ष हरिप्रसाद योगी ने सवाई माधोपुर जंक्शन को मौत का जंक्शन बताया है। उन्होंने बताया कि एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के दौरान 9 माह में 10 मौतें हो चुकी हैं। ऐसे में मौतों का ग्राफ बढ़ रहा है। बकौल योगी 13 अक्टूबर को दो महिलाओं की इसलिए मौत हुई क्योंकि एक नं. प्लेटफार्म पर आने वाली ट्रेन को ऐनवक्त पर 3 नं. प्लेटफार्म पर कर दिया गया। चार से पांच सौ मीटर लंबे प्रथम श्रेणी प्लेटफार्म पर एक ही छोर पर ओवरब्रिज है। ऐसे में एक किमी दूरी एवं सामान के साथ बुजुर्ग एवं बच्चे प्लेटफार्म की ऊंचाई कम होने के चलते तथा पूर्व में लगे बैरिकेट व जालियां हटा दिए जाने से आनन फानन में रेलवे लाइन क्रॉस करते हैं। वहीं रेलवे पुलिस की अनदेखी के चलते लाइन क्रॉस करने से मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक ओर रेलवे प्रशासन यात्रियों को मुस्कान देने का वादा करता है, वहीं दूसरी ओर यात्री परिवारों के चेहरों से हमेशा के लिए मुस्कान छीन लेने की लापरवाही कब तक रहेगी। उन्होंने मानवाधिकार आयोग से इस बारे में शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग की है।