Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Jul 26, 2012 - 21:01:49 PM


Title - माओवाद प्रभावित क्षेत्र में ट्रेनों की गति बढ़ाने की संभावना
Posted by : nikhilndls on Jul 26, 2012 - 21:01:49 PM

-- खड़गपुर के डीआरएम कार्यालय में कल होगी महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक

खड़गपुर (प.मेदिनीपुर) : दक्षिण-पूर्व रेलवे अंतर्गत खड़गपुर-टाटानगर व खड़गपुर-आद्रा संभाग में रात में ट्रेनों की गति बढ़ाने को लेकर संभावना व्यक्त की जा रही है। इस संबंध में 27 जुलाई को खड़गपुर संभाग के डीआरएम कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक बुलाई गई है। बैठक में रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी अधिकारियों के अलावा राज्य पुलिस के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। बताते चलें कि दपूरे अंतर्गत खड़गपुर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्र झाड़ग्राम व सरडीहा के बीच राजबांध इलाके में 28 मई, 2010 की रात हावड़ा-मुंबई ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को माओवादियों ने सुनियोजित तरीके से दुर्घटना करा कर 150 यात्रियों की जान ले ली थी, जिसके बाद अगले ही दिन 29 मई, 2010 से रेलवे ने खड़गपुर-टाटानगर, खड़गपुर-आद्रा व चक्रधरपुर-राउरकेला रूट में रात 10 से लेकर सुबह 5 बजे तक ट्रेनों का परिचालन प्रतिबंधित कर दिया था। ट्रेन दुर्घटना के डेढ़ साल बाद 24 नवंबर, 2011 को शीर्ष माओवादी नेता किशनजी को जामबनी के जंगल में सुरक्षा बलों ने मुड़भेड़ में मार गिराया। इस घटना के बाद माओवादियों की शक्ति कमजोर होने के फलस्वरूप रेल प्रशासन की ओर से नक्सलाइट क्षेत्र में रात के समय ट्रेनों का परिचालन इस साल 14 जनवरी से शुरू कर दिया गया, लेकिन ट्रेनों की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रखा गया। खड़गपुर रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त पीवीएस शांताराम ने बताया कि ट्रेनों की गति 75 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक करने के बारे में बैठक बुलाई गई है। बैठक में डीआरएम आरके कुलश्रेष्ठ, मेदिनीपुर रेंज के डीआइजी समेत अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी हिस्सा लेंगे।