Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Jul 24, 2013 - 04:00:05 AM


Title - महिला डॉक्टर के चोरी हुए सामान के हर्जाने के रूप में रेलवे पर 2.01 लाख जुर्माना
Posted by : eabhi200k on Jul 24, 2013 - 04:00:05 AM

नई दिल्ली.  कंज्यूमर कमीशन ने भारतीय रेलवे को महिला डॉक्टर के 1996 में चोरी हुए सामाने के हर्जाने के रूप में 2.01 लाख रूपए देने के आदेश दिए हैं.  महिला डॉक्टर का सामान यूपी-कुशीनगर एक्सप्रेस से यात्रा करते हुए चोरी हुआ था. 

महिला के चोरी हुए सामान के हर्जाने के लिए द नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रेड्रेसल कमीशन ने भारतीय रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है. कमीशन ने कहा कि टिकट चैकर की लापरवाही है कि वह सुनिश्चित नहीं कर पाया कि रिजर्व कोच में कोई चोर तो नहीं है, जिसमें वह महिला अपनी बेटी के साथ यात्रा कर रही थी

अजीत भारीहोके की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि यह बात पूरी तरह से स्पष्ट है कि रात के वक्त टीटीई द्वारा अनाधिकृत लोगों की एंट्री पर रोक लगाने में लापरवाही बरती गई है. भारतीय रेलवे की उत्तर प्रदेश कंज्यूमर कमीशन और डिस्ट्रीकट फॉरम के आदेश के विरूद्ध की गई अपील को खारिज करते हुए एनसीडीआरसी ने यह आदेश दिया.

इस अपील में रेलवे ने कहा था कि उनकी तरफ से किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई है, जब तक सामान को बुक नहीं करवाया जाता तब तक वो किसी भी तरह का हरजाने देने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं. इसके लिए शिकायतकर्ता डॉक्टर शोभा अग्रवाल अपने सामान का ध्यान रखने के लिए जिम्मेदार है.

रेलवे की अपील को खारिज करते हुए एनसीडीआरसी ने कहा कि स्टेट कंज्यूमर कमीशन और डिस्ट्रीकट फॉरम के आदेश में किसी भी तरह का बदलाव नहीं हो सकता.

डिस्ट्रीकट फॉरम ने रेलवे को 2.01 लाख रूपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए थे, जबकी यूपी स्टेट कंज्यूमर कमीशन ने डिस्ट्रीकट फॉरम के आदेश के खिलाफ अपील को खारिज किया था.