Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Jul 27, 2013 - 20:00:04 PM


Title - मनपा और रेल प्रशासन के बीच पिस रहे लोकल यात्री
Posted by : nikhilndls on Jul 27, 2013 - 20:00:04 PM

पलपल इंडिया ब्यूरो, मुंबई. लोकल यात्री मनपा और रेल प्रशासन की खींचतान के बीच पिस रहे हैं. एक ओर जहां रेल प्रशासन शहर की जल निकासी व्यवस्था को ट्रैक पर होने वाले जल-जमाव के लिए दोषी ठहरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मनपा प्रशासन रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है. मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हर वर्ष मानसून के पहले कलवर्टों की सफाई के लिए रेलवे को पैसा दिया जाता है, बावजूद इसके ट्रैक पर पानी का भरना बंद नहीं हो रहा है.

दूसरी तरफ रेल प्रशासन की मानें तो ट्रैक पर पानी भरने के लिए सिर्फ कलवर्ट नहीं बल्कि ट्रैक से जुड़े ऐसे सभी नाले जिम्मेदार हैं, जो हाईटाइड के समय पानी खींचना ही बंद कर देते हैं. जब तक मनपा की तरफ से इन नालों के पानी की पंपिंग के लिए उचित इंतजाम नहीं किए जाएंगे, तब तक इस समस्या पर काबू नहीं पाया जा सकता.

विशेषकर जब भी हाईटाइड के समय 100 मिमी के करीब बरसात होती है. मीठी नदी और सोमैया नाले से पानी रिवर्स होने लगता है, जिससे ट्रैक डूब जाता है. परिणाम स्वरूप गाडिय़ां खड़ी हो जाती हैं. मंगलवार और बुधवार को चूनाभट्ठी, कुर्ला के आसपास ट्रैक पर पानी का स्तर 4 इंच क्रास कर गया था, जिसके कारण हार्बर लाइन की लोकल सेवाएं ठप हो गईं. इतना ही नहीं, बल्कि इसका प्रतिकूल असर मेन लाइन की लोकल सेवाओं पर भी पड़ा.

कुर्ला और शीव के बीच ट्रैक से जुड़े 4 छोटे -बड़े नाले मीठी नदी में मिलते हैं, जो हाईटाइड के समय  ट्रैक का पानी खींचना बंद कर देते हैं. और तो और पंप के सहारे ट्रैक से बाहर फेंका जाने वाला पानी भी रिवर्स होकर वापस ट्रैक पर आ जाता है. इससे गाडिय़ों का परिचालन बाधित हो जाता है.

मस्जिद और सैंडहस्र्ट रोड में तो शहर का लेवल ट्रैक से ऊपर है, जहां अधिक बरसात होने की दशा में ट्रैक नाले में परिवर्तित हो जाता है. जहां तक रही बात ट्रैक ऊंचा करने की तो विभिन्न जगहों पर मौजूद रोड ओवरब्रिज के कारण अब उसकी गुंजाइश भी नहीं रह गई है. जब तक शहर की जल निकासी व्यवस्था अपग्रेड नहीं होगी, तब तक लोकल यात्रियों को इस समस्या से निजात नहीं मिल सकेगी.