| Indian Railways News => | Topic started by railgenie on Aug 26, 2013 - 11:56:49 AM |
Title - बड़हिया रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस का छापाPosted by : railgenie on Aug 26, 2013 - 11:56:49 AM |
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दानापुर रेल मंडल अंतर्गत किऊल-मोकामा रेलखंड के बड़हिया रेलवे स्टेशन पर टिकट बिक्री की राशि में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। गुप्त सूचना पर पूर्व मध्य रेल की निगरानी टीम ने 23 अगस्त को बड़हिया स्टेशन पर छापेमारी कर इस खेल का राज खोला है। छह सदस्यीय निगरानी टीम ने बड़हिया स्टेशन स्थित अनारक्षित टिकट काउंटर की जांच की। वे हकीकत देख हैरान रह गए। इसकी पुष्टि बुकिंग सुपरवाइजर वीरेन्द्र कुमार सिंह ने की है। जानकारी के अनुसार बड़हिया स्टेशन के बुकिंग क्लर्क ने बैंक की फर्जी मुहर बनवाकर करीब 16 लाख रुपये का चूना रेलवे को लगाया। निगरानी टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो कर्मचारी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि उसने सभी राशि निजी काम में खर्च कर दी है। बुकिंग क्लर्क जालसाजी कर टिकट बिक्री के रुपये को बैंक में जमा नहीं करता था। वह स्वयं फर्जी मुहर मारकर जमा पर्ची दानापुर मंडल मुख्यालय भेजता था। बुकिंग क्लर्क द्वारा फर्जीवाड़े की सूचना निगरानी विभाग को मिली। तत्काल टीम गठित कर छापेमारी की गई। टीम में आरपीएफ व वाणिज्य विभाग के अधिकारी थे। अधिकारियों ने जब गहनता से जांच की तो पाया कि बुकिंग क्लर्क फर्जी मुहर बनाकर बैंक की जमा पर्ची मुख्यालय को भेज रहा था। जांच टीम ने यह भी पाया कि अगस्त माह में 22 दिनों की टिकट बिक्री की 16 लाख रुपये क्लर्क ने बैंक में नहीं जमा कराये व फर्जी रसीद जमा कर दी। अगर मामला नहीं खुलता तो माह के अंत तक वह पूरी राशि गायब कर देता। जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि रेलवे के वाणिज्य विभाग के पर्यवेक्षक निरीक्षण के दौरान बड़हिया स्टेशन की जांच कर रजिस्टर एवं रिपोर्ट पर हस्ताक्षर भी दर्ज करते थे। ऐसे में इतनी बड़ी राशि की हेराफेरी का नहीं पकड़ा जाना कई सवाल खड़ा करता है। निगरानी टीम ने बुकिंग सुपरवाइजर वीरेन्द्र कुमार सिंह एवं बुकिंग क्लर्क मनमोहन कुमार से भी गहन पूछताछ कर बुकिंग रजिस्टर व अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त कर लिया। |