Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Jul 22, 2013 - 06:00:24 AM


Title - बुक स्टॉल वेंडर्स पर चला सेंट्रल रेलवे का डंडा - Vendors run the central railway bookstalls rung on
Posted by : railenquiry on Jul 22, 2013 - 06:00:24 AM

मुंबई

सेंट्रल रेलवे ने मुंबई डिविजन के 'सी' कैटिगरी स्टेशनों पर सभी बुक स्टॉल्स मालिकों को वर्ष 2006-07 से लेकर अब तक आउटस्टैंडिंग पेमेंट एक साथ भुगतान करने का नोटिस देकर स्टॉल्स पर ताला जड़ दिया। रेलवे के इस कदम के बाद तकरीबन 20 बुक स्टॉल्स वालों के सामने रोजी-रोटी का सवाल पैदा हो गया है। रेलवे बोर्ड की पॉलिसी के अनुसार इन वेंडर्स को 10 हजार रुपये प्रति वर्ष लाइसेंस फी और सालाना बिक्री का 12 प्रतिशत रेलवे को देना होता है। इन वेंडर्स से अब तक लाइसेंस फी तो वसूली गई, लेकिन पिछले 6 सालों से सालाना बिक्री का 12 प्रतिशत फी नहीं वसूली गई। अब अचानक सेंट्रल रेलवे द्वारा नोटिस जारी कर वेंडर्स को 15 दिनों में पूरी रकम भुगतान करने की शर्त रखी गई है, अन्यथा लाइसेंस रद्द करने का हवाला दिया गया है।

आपसी लड़ाई में फंस गया वेंडर

स्टेशनों पर स्टॉल चलाने का अधिकार इतने साल आईआरसीटीसी के पास था। अगस्त, 2012 में रेलवे को फिर से स्टॉल्स के संबंध में सारे निर्णय लेने के अधिकार सौंप दिए गए। रेलवे का कहना है कि 2006-07 में रेलवे पॉलिसी के बदलाव के बाद आईआरसीटीसी ने इन वेंडर्स से लाइसेंस फी तो वसूली, जबकि सालाना बिक्री का 12 प्रतिशत नहीं लिया। बुक स्टॉल्स कंट्रैक्टर्स असोसिएशन का कहना है कि ये सारी लड़ाई रेलवे और आईआरसीटीसी की थी, ऐसे में उन पर गाज क्यों गिराई जा रही है। सालाना बिक्री का 12 प्रतिशत नहीं वसूलना रेलवे और आईआरसीटीसी की गलती है।

रेलवे का कहना है

'जितने स्टॉल्स को नोटिस दिया गया था, उनमें से कुछ ने पेमेंट कर दी है। रेलवे अपनी तरफ से इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने का भरोसा दिलाती है। वेंडर्स को पार्शियल पेमेंट करने की शर्त पर स्टॉल खोलने की इजाजत दी जा सकती है।'