Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Sep 18, 2013 - 17:56:34 PM


Title - बनारस कैंट स्टेशन पर बवाल, कई जख्मी
Posted by : eabhi200k on Sep 18, 2013 - 17:56:34 PM

जागरण संवाददाता, वाराणसी : एक अभियान जो चलना ही चाहिए था, वह सोमवार की सुबह रेलवे सुरक्षा बल व रेलकर्मियों के बीच जबरदस्त बवाल के बाद स्थगित कर दिया गया। यह अभियान था टिकट जांच का। वजह बनी कुछ तो आरपीएफ की दबंगई तो थोड़ा रेलकर्मियों का भी अडि़यल रवैया। कैंट रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब साढ़े सात बजे टिकट जांच के दौरान आरपीएफ के जवानों व रेलकर्मियों की बीच यह मारपीट गुरिल्ला युद्ध सरीखी हो गई। इसमें तीन जवान व तीन रेलकर्मी घायल हो गए जबकि भगदड़ के चलते एक दर्जन यात्री भी चोटिल हो गए। दोनों ही पक्ष ने जीआरपी में तहरीर दी है। रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए लखनऊ के दो आला रेल अफसरों की जांच टीम बना दी है। दोनों अधिकारी दोपहर बाद लखनऊ से यहां पहुंच गए।

दरअसल रेलवे ने किलेबंदी कर बेटिकट यात्रियों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया था जिसमें लखनऊ मंडल के 108 और दिल्ली, फिरोजपुर व अंबाला डीविजन के 55 टिकट परीक्षक लगाए गए थे। चेकिंग चल रही थी। इसी बीच प्लेटफार्म नौ पर टिकट परीक्षक विकास सिंह ने दो युवकों के साथ विकास पांडेय को पकड़ा। उसके पास टिकट नहीं था मगर उसने बताया कि वह आरपीएफ के जवान विजय पांडेय को बेटा है, उसे जाने दिया जाए। टिकट परीक्षक ने असमर्थता व्यक्त की तो दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। बहरहाल उस समय अन्य लोगों ने बीच बचाव कर दोनों को शांत कराया।

..लेकिन यह खबर फैलते ही आरपीएफ व रेलकर्मी एक दूसरे की लामबंदी में प्लेटफार्म नंबर एक पर जुट गए। तब तक टिकट परीक्षक व विकास पांडेय भी वहां पहुंच गए। एक बार फिर तू-तू मैं-मैं शुरू हो गयी। इसके बाद आरपीएफ के जवानों व रेलकर्मियों में मारपीट होने लगी। इसके चलते प्लेटफार्म सहित पूरे स्टेशन परिसर में भगदड़ मच गई। काली और खाकी की इस जंग में आम रेलयात्री पिसने लगे। कई को चोट लगी, कई जख्मी हुए। आधे घंटे तक अफरातफरी रही और बनारस रेलवे में काम ठप हो गया। मारपीट में विकास सिंह, विन्ध्यवासिनी, एके सिंह समेत आरपीएफ के अंगद यादव, नरसिंह चौहान व विकास पांडेय घायल हो गए।

लखनऊ से पहुंचे आला अधिकारी

घटना की सूचना रेलवे बोर्ड व लखनऊ मंडल के डीआरएम को दी गई। रेलवे ने तत्काल दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव व वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार को बनारस रवाना कर दिया। यहां पहुंचे दोनों अफसरों ने पूछताछ की।

टिकट जांच अभियान स्थगित

जांच अधिकारी अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि किसी पक्ष की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी दोषी दंडित किए जाएंगे ताकि ऐसी घटना फिर न हो। बेटिकट यात्रियों के खिलाफ 48 घंटे तक चलने वाला किलाबंद अभियान फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।