Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Jun 26, 2013 - 15:01:21 PM


Title - फाइलों में अटकी रेलवे योजनाओं को नहीं मिल पा रही गति
Posted by : puneetmafia on Jun 26, 2013 - 15:01:21 PM

कुरुक्षेत्र : धर्मनगरी को विश्व के मानचित्र पर लाने के लिए बनाई गई रेलवे की योजनाएं फाइलों में ही अटकी पड़ी हैं। इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए जनप्रतिनिधि आगे नहीं आ रहे हैं। हर साल रेलवे के वार्षिक बजट में धर्मनगरी की उपेक्षा की जाती है। बजट के अभाव में योजनाओं को सिरे नहीं चढ़ाया जा पता।
कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन को दो साल पहले आधुनिक रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट लगाई जानी थी, ताकि वृद्धों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, मगर रेलवे ने इसके लिए अभी तक बजट का प्रावधान नहीं किया, जिससे यह घोषणा कागजों में ही दबी हुई है। जिले में एक सांसद और दो राज्यसभा सदस्य होने के बाद भी महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों का ठहराव आज नहीं हुआ है। राज्यसभा सदस्य ईश्वर सिंह के रेलवे बोर्ड के सदस्य बनने के उपरांत तीन गाड़ियों का ठहराव किया गया। उसी के बाद प्लेटफार्मो की भी सुध ली गई है।
बेहद धीमी गति से चल रहा मॉल का निर्माण
दो साल पहले रेलवे बजट में रेलवे स्टेशन के बाहर मॉल बनाने की भी घोषणा हुई थी। मॉल बनाने के लिए जगह चिह्नित कर बिल्डिंग बननी भीशुरू हो गई, मगर इसका कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। लोगों का मानना है कि अगर इसी गति से कार्य चला तो करीब दो साल ओर निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। सूत्रों का कहना है कि बजट की कमी के चलते इसका निर्माण पूरा नहीं हो रहा है।
नहीं आया चार नंबर प्लेटफार्म के लिए बजट
रेलवे स्टेशन पर चार नंबर प्लेटफार्म का निर्माण न होने के कारण बहुत से गाड़ियों का कुरुक्षेत्र में रात्रि ठहराव नहीं हो पाता। इससे सुबह अंबाला से अमृतसर के लिए चल रही गाड़ी का विस्तार नहीं हो पाया है। चार प्लेटफार्म बनाने की कई बरसों से मांग चली आ रही है, मगर हर बार रेलबजट में इसकी घोषणा नहीं की जाती।
रेलवे लाइन के नीचे से रास्ता बनाने के लिए नहीं दी प्रदेश सरकार ने अनुमति
शहर के सबसे व्यक्त झांसा रोड रेलवे फाटक और मेन बाजार के रेलवे फाटक पर रेलवे लाइन के नीचे से वाहनों को गुजारने के लिए रास्ता बनाया जाना था। इस कार्य के लिए राज्यसभा सदस्य ईश्वर सिंह ने एक करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की थी। इसके लिए सर्वे भी किया गया, मगर प्रदेश सरकार ने इस संबंध में अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया, जिससे यह कार्य कागजों तक ही सीमित रह गया।
आंख मिचौली करती सेक्टर 13 की ओर बनी टिकट खिड़की
रेलवे लाइन के पार बसे आधे शहर की मांग पर रेलवे ने सेक्टर 13 की ओर एकल टिकट घर बनाया था। इसके बनने के कारण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिली थी, मगर रेलवे की ओर से पर्याप्त स्टाफ मुहैया न कराने के कारण यह टिकट घर धूल फांक रहा है। इस संबंध में कुरुक्षेत्र नागरिक रेलवे कष्ट निवारण समिति ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की थी। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में रेलवे को आदेश भी दिए थे, मगर रेलवे ने इन आदेशों की पालना नहीं की। हर बार कर्मचारियों की कमी बताई जाती है।
दिल्ली कार्यालय ही दे सकता जानकारी : स्टेशन अधीक्षक
स्टेशन अधीक्षक सुरेंद्र गुप्ता से जब रेलवे संबंधी जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं बता सकते। इस बारे में दिल्ली कार्यालय ही जानकारी दे सकता है।