Indian Railways News => Topic started by RailXpert on Sep 25, 2013 - 04:00:03 AM


Title - नोएडा में मेट्रो पिलर में दरार से कठघरे में डीएमआरसी
Posted by : RailXpert on Sep 25, 2013 - 04:00:03 AM

मेट्रो के नोएडा सिटी सेंटर स्टेशन के समीप एक के बाद एक पिलर में दरार की घटना ने फिर एक बार डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल निगम) को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पहले व दूसरे चरण में बनी छह मेट्रो लाइनों में द्वारका से नोएडा व वैशाली जाने वाली मेट्रो लाइन में आए दिन किसी न किसी तकनीकी खराबी से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इसी लाइन के पिलरों में दरार के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर क्या वजह है कि इसी रूट पर बार-बार समस्या उत्पन्न हो रही है। ठोस कारण डीएमआरसी अधिकारी भी बताने से कतरा रहे हैं।
क्या ई श्रीधरन की विरासत को संभाल पा रहे हैं मंगू सिंह
मेट्रो के दूसरे चरण का यह कॉरिडोर निर्माण कार्य के समय से ही विवादों में रहा है। ई श्रीधरन ने 31 दिसंबर 2011 के बाद पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी मंगू सिंह (प्रबंध निदेशक डीएमआरसी) को सौंप दी थी। अब सवाल उठने लगा है कि क्या मंगू सिंह श्रीधरन की विरासत को संभाल पा रहे हैं? मेट्रो मैन की उपाधि हासिल कर चुके श्रीधरन आपने कार्यकाल में हुए जमरूदपुर हादसे से इतने आहत हुए थे कि वे इस दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने को तैयार हो गए थे। वहीं इससे पूर्व एयरपोर्ट मेट्रो लाइन में आई खराबी पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकारने के बजाय मंगू सिंह 'लेटर वार' कर रहे हैं।
डीएमआरसी के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार मंगू सिंह टनल के अंदर मेट्रो दौड़ाने के विशेषज्ञ हैं, लेकिन एलिवेटेड लाइन पर उनका अनुभव नहीं के बराबर है, जबकि दोनों के निर्माण में काफी अंतर है।
मरम्मत कार्य होने तक सेवा बंद करने को विशेषज्ञ बताते रहे हैं बेहतर
द्वारका-नोएडा मेट्रो लाइन स्थित गोल्फ कोर्स मेट्रो स्टेशन के बाद नोएडा सिटी सेंटर के बीच अभी 70 की जगह 15-20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पिछले 10 दिनों से मेट्रो का परिचालन हो रहा है, विशेषज्ञ बताते हैं ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से डीएमआरसी को मरम्मत कार्य पूरा होने तक लाइन के इस हिस्से पर मेट्रो सेवा बंद कर देनी चाहिए। हालांकि डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह दिल्ली मेट्रो के यात्रियों को शत-प्रतिशत सुरक्षित होने का दावा करते हैं।