Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Jun 28, 2013 - 00:01:45 AM


Title - नई लोकल सप्लाई में देरी से विश्व बैंक नाराज
Posted by : nikhilndls on Jun 28, 2013 - 00:01:45 AM

मुंबई. नई लोकल गाडिय़ों (रेक) की सप्लाई में विलंब से विश्व बैंक की भौंहें तन गई हैं. एमयूटीपी-2 के तहत 72 नई लोकल गाडिय़ां खरीदी जानी हैं, जिसकी फंडिंग विश्व बैंक के सहयोग (लोन) से की जा रही है. जिनकी अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रतिघंटा होगी. यह रफ्तार वर्तमान समय में चल रही लोकल गाडिय़ों से 20 किमी प्रतिघंटा अधिक है. रेक के पाट्र्स बंबार्डियर ट्रांसपोर्टेशन द्वारा सप्लाई किए जाएंगे, जिनकी फिटिंग इंट्रीग्रल कोच फैक्ट्री, पेरंबदूर में की जानी है.

प्राप्त जानकारी के लिए पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक के दौरान नई लोकल सप्लाई में हो रहे विलंब पर विश्व बैंक के अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की. 72 नई लोकल गाडिय़ों की खरीदी के लिए मुम्बई रेल विकास निगम ने बंबार्डियर ट्रांसपोर्टेशन के साथ करार किया है, जिसके तहत 52 सप्ताह के अंदर प्रोटोटाइप रेक आ जाना चाहिए था, पर अभी तक एक भी रेक मुम्बई नहीं पहुंच सका है. नई लोकल के आने में हो रहे विलंब से महानगर के उपनगरीय रेलवे के कई प्रकल्प प्रभावित हो रहे हैं. डीसी-एसी कनवर्जन से लेकर वर्तमान लोकल गाडिय़ों में अतिरिक्त डिब्बे लगाने का काम भी प्रभावित हो रहा है.

इस संदर्भ में पूछे जाने पर मुम्बई रेल विकास निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ तकनीकी कारणों से नई लोकल आने में थोड़ा विलंब हो गया, पर अब स्थिति नियंत्रण में है. अगस्त तक बंबार्डियर का पहला प्रोटोटाइप रेक मुम्बई पहुंचने की संभावना है.

नई लोकल की सप्लाई में हो रहे विलंब के लिए मुम्बई रेल विकास निगम बंबाॢडयर ट्रांसपोर्टेशन कंपनी पर पेनाल्टी लगा सकता है. जो प्रकल्प लागत की 5 प्रतिशत (करार के अनुसार) तक हो सकती है. इसके अलावा सीमेंस द्वारा खरीदी गई हाई स्पीड लोकल को लेकर भी विश्वबैंक की तरफ से नाराजगी जाहिर की गई है.