Indian Railways News => Topic started by ConfirmTicket on Aug 29, 2013 - 08:57:11 AM


Title - दिक्कत: वाटरिंग कर्मियों के पास न परिचय पत्र है और न मेडिकल सर्टिफिकेट
Posted by : ConfirmTicket on Aug 29, 2013 - 08:57:11 AM

बिलासपुर। रेलवे के ठेकेदार ही रेलवे की सुरक्षा में सेंध लगा रहे हैं। ट्रेनों में पानी भरने का काम करने वाली जीएसआई नामक कंपनी ने बिना किसी दस्तावेजी कार्रवाई के कर्मचारियों को नियुक्ति दे दी है। दो दर्जन कर्मचारी हर दिन अनाधिकृत तरीके से रेलवे स्टेशन में प्रवेश करते हैं और 12 घंटे तक मौजूद रहते हैं। आरपीएफ ने मंगलवार को ऐसे ही कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में ठहरने वाली ट्रेनों की बोगियों में पानी भरने का काम ठेके पर दिया गया है। जीएसआई नामक कंपनी ने इसका ठेका लिया है। नियमानुसार ठेकेदार को हरेक कर्मचारी की पूरी जानकारी रखनी होगी और इसकी सूचना रेल प्रशासन को भी देनी होगी। कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही उनकी मेडिकल जांच भी करानी है, जिससे साबित हो कि कर्मचारी स्वस्थ है।

ठेका कंपनी ने इन तमाम नियमों की अनदेखी की और मनमर्जी से कर्मचारी नियुक्त कर लिए। आरपीएफ ने मंगलवार को स्टेशन परिसर में जांच अभियान चलाकर वाटरिंग स्टाफ से पहचान की टोह ली। पता लगा कि किसी कर्मचारी के पास परिचय पत्र नहीं है। दर्जनभर कर्मचारियों को थाने लाया गया।

इसके बाद भी कंपनी का कोई जिम्मेदार अफसर थाने नहीं पहुंचा, जो कर्मचारियों की पहचान करा सके। आखिरकार आरपीएफ ने सभी के खिलाफ स्टेशन में अनाधिकृत प्रवेश का मामला दर्ज किया। आरपीएफ थाना प्रभारी केबी तिवारी ने बताया कि ट्रेनों में पानी भरने वाले कर्मचारियों की पहचान ही नहीं है। इन पर कार्रवाई करने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अनाधिकृत प्रवेश का अपराध दर्ज किया गया है। बगैर पहचान पत्र के मिले तो इनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है नुकसान: ट्रेनों में पानी भरने वाले कर्मचारी दिन-रात स्टेशन में मौजूद रहते हैं। कर्मचारी पानी भरने या फिर सफाई के लिए बोगियों में प्रवेश भी करते हैं। इन कारणों से ही हरेक कर्मचारी की पहचान अहम है। सवाल उठता है कि किसी यात्री के साथ अप्रिय घटना हो जाए या सामान चोरी चला जाए तो पुलिस संदेही तक कैसे पहुंचेगी।

87 मामले, जुर्माना 20 हजार रु.

रेलवे अफसरों की टीम ने मंगलवार को बेटिकटों को अनियमित यात्रियों को पकड़ने की मंशा से ट्रेनों में छापामार कार्रवाई की। बिलासपुर से चांपा के बीच चार ट्रेनों जांच हुई, जिसमें 35 बेटिकटों सहित 87 यात्रियों पर 19 हजार 215 रुपए जुर्माना किया गया।

त्योहारी सीजन में लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, ट्रेनें पैक चल रही हैं। ऐसे में कुछ लोग भीड़ का फायदा उठाने की मंशा से बिना टिकट या फिर रेलवे के नियमों को ताक पर रखकर सफर करते हैं। रेल प्रशासन ने ऐसे लोगों को ही सबक सिखाने के लिए छापामार कार्रवाई शुरू की है। बिलासपुर रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य मैनेजर तनवीर हसन ने टीम के साथ ट्रेनों में औचक निरीक्षण किया।

चांपा से बिलासपुर के बीच चले अभियान में चार ट्रेनों की जांच हुई। इस दौरान 35 यात्रियों को बिना टिकट के सफर करते पकड़ा गया। इन पर 10 हजार 765 रुपए जुर्माना किया गया। 19 यात्रियों को जनरल टिकट से स्लीपर क्लास में सफर करते पकड़ा गया, जिनसे बतौर जुर्माना 6 हजार 620 रुपए वसूल हुए। 33 यात्री बिना लगेज बुकिंग के भारी भरकम सामान के साथ सफर कर रहे थे। इन पर 1 हजार 830 रुपए फाइन हुआ।