Indian Railways News => Topic started by railgenie on May 22, 2012 - 17:30:17 PM


Title - दस रेलवे स्टेशनों पर रहेगा तीसरी आंख का पहरा
Posted by : railgenie on May 22, 2012 - 17:30:17 PM

नई दिल्ली. देर से ही सही रेलवे को आखिरकार यात्रियों की सुरक्षा का ख्याल आया। अब दिल्ली मंडल के दस प्रमुख स्टेशनों को तीसरी आंख की जद में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले दो से तीन महीने में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दे दिया जाएगा।

सीसीटीवी कैमरे व अन्य सुरक्षा उपकरणों को लगाने में रेलवे 305 करोड़ खर्च करेगा। राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली मंडल के स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए ‘इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम’ नामक एक योजना शुरू की गई थी, लेकिन बाद में फंड की कमी का रोना रोकर रेलवे ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

इंफ्रारेड सीसीटीवी कैमरे लगाने की इस योजना के तहत सर्वप्रथम नई दिल्ली स्टेशन को चुना गया है। स्टेशन के अंदर और बाहर चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। बता दें कि यहां के प्लेटफार्मों में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन ज्यादातर काम नहीं करते थे। इसके अलावा, इन कैमरों के फुटेज पर निगरानी रखने के लिए बनाई गई कंट्रोल रूम भी स्टॉफ की कमी के चलते लगभग ठप था।

शायद यही वजह है कि नए कैमरों के फुटेजों पर निगरानी के लिए अलग से एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, लेकिन स्टाफों की कमी को किस तरह से पूरा किया जाएगा, इस मसले पर फिलहाल रेलवे मौन है। इसके साथ ही, स्टेशन के प्रवेश द्वारों में उच्च क्षमता वाले चार नए बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं। यहां पहले से ही चार बैगेज स्कैनर लगे हुए हैं।

चूंकि यहां से प्रतिदिन पांच से छह लाख यात्री आवाजाही करते हैं, ऐसे में केवल चार बैगेज स्कैनरों से उनके सामनों की जांच में काफी समय लग जाता है और प्रतीक्षा सूची काफी लंबी हो जाती है। वैसे, रेलवे के ही एक आला अधिकारी कहते हैं कि बैगेज स्कैनर लगाना केवल दिखावा ही है, क्योंकि नई दिल्ली स्टेशन में प्रवेश करने के कई रास्ते हैं और हर रास्ते में बैगेज स्केनर लगाना संभव नहीं है।

इतना ही नहीं, शिवाजी स्टेडियम, तिलक ब्रिज जैसे दर्जनों छोटे स्टेशन हैं, जहां से कोई भी असामाजिक तत्व नई दिल्ली स्टेशन तक बिना रोक-टोक पहुंच सकता है। इसके अलावा, यात्रियों की जांच के लिए सुरक्षाकर्मियों को हैंड डिटेक्टर दिए गए हैं। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली की तरह दिल्ली मंडल के नौ और स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी।

इन स्टेशनों पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार, सराय रोहिला, तिलक ब्रिज, शिवाजी ब्रिज आदि स्टेशन शामिल हैं। इनमें से पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार स्टेशनों पर कुछ सीसीटीवी कैमरे और स्कैनर लगाए जा चुके हैं।
क्यों खास हैं इंफ्रारेड कैमरे
ये कैमरे इंफ्रारेड तकनीक से युक्त हैं। इनसे उस स्थान की तस्वीरें भी काफी साफ रिकार्ड की जा सकती हैं, जहां रोशनी नहीं पहुंचती। इन कैमरों की रिकार्डिग क्षमता सात दिनों की है। इसके बाद इनकी रिकार्डिग सीडी पर नजर रखी जाएगी।
लाखों यात्री करते हैं आवाजाही
नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार जैसे प्रमुख स्टेशनों से रोजाना से दस से बारह लाख यात्री आवाजाही करते हैं। यात्रियों की यह संख्या सामान्य दिनों की है। जबकि, होली, दीपावली और छुट्टियों में यह आंकड़ा और बढ़ जाता है।