Indian Railways News => Topic started by nikhilndls on Jul 17, 2013 - 12:01:14 PM


Title - ट्रेनों में भेड़-बकरियों की तरह सफर करते हैं लोग,
Posted by : nikhilndls on Jul 17, 2013 - 12:01:14 PM

गोरखपुर. पहले तत्काल के लिए पूरी रात का जागना फिर सुबह धक्के, दलालों के चक्कर, जनरल टिकट काउंटर पर लम्बी कतार, जीआरपी के सिपाहियों और कुलियों की वसूली, आरपीएफ और जीआरपी के डंडे और अंत में सीट न मिलने पर जनरल डिब्बे में टॉयलेट में या उसके बाहर बैठना। यह एक ऐसा सीक्वेंस है जो ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफ़र करने वाले 'कैटल क्लास' के पैसेंजर को पूरा करना होता है।

कहने को ट्रेनों में भीड़ कम हो चुकी है, लेकिन ये आंकड़े केवल रिजर्वेशन में घटती वेटिंग लिस्ट को दिए जा रहे हैं। हकीकत में जनरल बोगी में सफ़र करने वाले अभी भी उन्ही दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं जो वे पीक सीजन में करे आये हैं।

गोरखपुर होकर दिल्ली, मुंबई और पंजाब जाने वाली ट्रेनों की जनरल बोगी में घुसिए तो आपको इसमें सफ़र करने वाले पैसेंजर्स की मुसीबतों का अंदाजा हो जायेगा। गर्मी, बारिश और उमस का कॉकटेल इनकी परेशानियां और बढ़ा देता है।

दैनिकभास्कर.कॉम ने पहले भी बताया कि किस तरह जीआरपी के सिपाही इस भीड़ का फायदा उठाकर जनरल बोगी में बैठाने के लिए पैसेंजर्स से 100 रुपये प्रति पैसेंजर वसूलते हैं। गोरखधाम एक्सप्रेस में यह खेल बदस्तूर जारी है, लेकिन अब यह खेल खुलेआम न होकर कुलियों के जरिये अंजाम दिया जा रहा है।

गोरखधाम एक्सप्रेस गोरखपुर से हिसार तक जाती है, इसमें दिल्ली तक तो ज्यादातर मल्टीनेशनल में काम करने वाले प्रोफेशनल जाते हैं लेकिन  एक बहुत बड़ा तबका दिल्ली और हरियाणा के उद्योगों में काम करने वाले लेबर क्लास भी जर्नी करता है।