Indian Railways News => Topic started by eabhi200k on Jul 23, 2013 - 06:00:11 AM


Title - ट्रेनें 24 कोच की, प्लेटफार्म 16 कोच के
Posted by : eabhi200k on Jul 23, 2013 - 06:00:11 AM

जोन से गुजरने वाली ट्रेनें 24-24 कोच के साथ चलने लगी हैं, लेकिन रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म की लंबाई इतनी नहीं है कि यात्री प्लेटफार्म पर उतर सकें। बिलासपुर डिवीजन के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में 17 स्टेशन ऐसे हैं, जहां यात्री प्लेटफार्म के बजाय पटरी पर उतरते हैं। सबसे बड़ी समस्या उन यात्रियों को रहती है, जिन्हें ऐसे स्टेशनों से ट्रेन में सवार होना होता है। ऐसे स्टेशनों में अप्रिय घटना की आशंका हर समय बनी रहती है।
ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, यही कारण है कि भारतीय रेल ने लंबी दूरी की ट्रेनों को अधिकतम 24 कोच के साथ चलाने की अनुमति दी है। जाहिर है कि ट्रेन की लंबाई बढऩे से लंबे प्लेटफार्म की भी जरूरत होगी। रेल प्रशासन लंबी ट्रेनों के स्टापेज वाले स्टेशनों के प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ा तो रहा है, पर धीमी गति से। यही कारण है कि बिलासपुर रेल मंडल में ही 17 ऐसे स्टेशन हैं, जहां के प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने की जरूरत है। इन 17 स्टेशनों में अनूपपुर, कोरबा, अकलतरा, नैला, पेंड्रारोड जैसे अहम स्टेशन शामिल हैं, जहां हर दिन 24 कोच की ट्रेनें ठहरती हैं। इन स्टेशनों के यात्रियों को प्लेटफार्म छोटी होने का खामियाजा जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। लंबी ट्रेनों की 5 से 6 कोच प्लेटफार्म से बाहर रहती हैं। स्लीपर कोच के यात्री किसी भी कोच में सवार होकर अपने बर्थ तक पहुंच जाते हैं, लेकिन जनरल कोच के यात्रियों को भारी परेशानी होती है। जनरल कोच ट्रेन के आगे और पीछे लगा होता है। पीछे का कोच इन स्टेशनों में प्लेटफार्म के बाहर ही होता है। ऐसे में यात्रियों को पटरी पर ही उतरना पड़ता है। कोच से पटरी की ऊंचाई तकरीबन 4 फीट होती है, जो अप्रिय घटना का कारण प्रतीत होता है।