Indian Railways News => Topic started by Jitendar on May 22, 2012 - 20:30:05 PM


Title - ट्रेन चालकों के लिए आ गयी खुशखबरी, अब कार में लेंगे ट्रेनिंग
Posted by : Jitendar on May 22, 2012 - 20:30:05 PM

जमशेदपुर. रेलवे में लोको पायलट (ट्रेन चालक) को अब ट्रेनिंग लेने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। लोको पायलट अपने क्रू-लॉबी में रहकर ही ट्रेन चलाने के गुर सीखेंगे। इसके लिए रेलवे एक नई तकनीक लागू करने जा रही है। जिससे ट्रेनों को चलाना और उसके परिचालन के तकनीकी गुर जान पाएंगे।

रेलवे अब ट्रेनिंग देने के लिए मोबाइल लोको सेमिलेटर की सुविधा शुरू करने जा रही है। रेलवे बोर्ड के मेंबर विद्युत कुलभूषण ने इसे लागू करने पर सहमति जताई थी। पिछले दिनों वे टाटानगर लोको शेड की स्वर्ण जयंती पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। उस दिन उन्होंने ट्रेनिंग की नई तकनीक की काफी सराहना की थी। उन्होंने दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक एके वर्मा को निर्देश दे दिया है।

क्या है मोबाइल लोको सेमिलेटर

मोबाइल लोको सेमिलेटर को प्रशिक्षण देने के लिए चलता-फिरता ट्रेनिंग सेंटर कह सकते हैं। पुणे स्थित सीसी इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा यह तकनीक विकसित की गई है। टाटा के नैनो कार में इस सिस्टम को लगाया गया है। जिसमें ट्रेन चलाने का पूरी सुविधा उपलब्ध है। कार के अंदर दो स्क्रीन हैं, जिसमें रेलवे ट्रैक बना हुआ है। इंजन चलाने के दौरान काम में आने वाले सारे उपकरण इसमें उपलब्ध हैं। मोबाइल सेमिलेटर ड्राइवर की क्रू -लॉबी में चालकों को ट्रेनिंग दी जा सकती है।

इंटरनेट से कनेक्ट रहेंगे ट्रेनर

श्री चौबे ने बताया कि मोबाइल लोको सेमिलेटर इंटरनेट से कनेक्ट रहेगा। लोको पायलट की ट्रेनिंग प्रक्रिया को ट्रेनर आसानी से देख सकते हैं। अगर गलती होने पर उन्हें इंस्ट्रक्शन दिया जा सकता है। इसके लिए हाई स्पीड के कंप्यूटर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाद में कंप्यूटर सही करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

टाटानगर में सबसे पहले शुरुआत

सीसी कंपनी, पुणे के प्रबंध निदेशक विपिन चौबे ने बताया कि मोबाइल लोको सेमिलेटर अब तक भारतीय रेल के किसी भी स्टेशन पर शुरू नहीं किया गया है। इस नई तकनीक को सबसे पहले टाटानगर में ही शुरू किया जाएगा। यहां सफल होने के बाद इस तकनीक को देश के अन्य स्टेशनों पर लागू करने की योजना है।

"मोबाइल लोको सेमिलेटर पायलट को ट्रेनिंग देने की नई तकनीक है। इससे पायलट को बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा। इसे क्रू-लॉबी तक आसानी से ले जाया जा सकता है। टाटानगर में इस सुविद्या को बहुत जल्द ही शुरू करने की तैयारी की जा रही है।" - अभिमन्यु सेठ, वरीय मंडल विद्युत अभियंता, टाटानगर.