Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Oct 08, 2012 - 00:01:17 AM


Title - कुदेशिया ओवरब्रिज को जनप्रतिनिधियों की ‘न’
Posted by : puneetmafia on Oct 08, 2012 - 00:01:17 AM

बरेली। कुदेशिया फाटक पर ओवरब्रिज बने या नहीं। इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए शनिवार को तमाम जनप्रतिनिधि साथ बैठे। लंबी मंत्रणा के बाद सभी ने कुदेशिया फाटक पर ओवरब्रिज के लिए असहमति जताई। कहा, इसका न बनना ही शहर के यातायात के लिए बेहतर है। इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे लेकर बीडीए के वीसी सोमवार को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव से मिलेंगे। अंतिम फैसला तभी होगा।

चौपुला ओवरब्रिज के डिजाइन से पैदा हुई दिक्कतों परेशानियों का हाल देखकर को देखते हुए मेयर डॉ. आईएस तोमर चाहते थे कि कुदेशिया फाटक पर ओवरब्रिज की सार्थकता के मुद्दे पर सभी लोग चर्चा कर लें। लिहाजा सर्किट हाउस में सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। इसमें मेयर ने ओवरब्रिज बनने पर आने वाली दिक्कतों के बारे में बताया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय ने कहा कि हार्टमैन क्रांसिंग और आईवीआरआई क्रासिंग के बाद यहां तीसरा पुल बनाने का कोई औचित्य ही नहीं है। शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार बोले, यदि ओवरब्रिज बने तो बाई शेप में बने, वरना न बने। सेतु निगम के सहायक परियोजना निदेशक देवेंद्र सिंह ने कहा कि शास्त्रीनगर की ओर पुल उतारने लायक जगह नहीं है, लिहाजा उसे बाई शेप नहीं दी जा सकती। बैठक में बीडीए के वीसी राजमणि यादव, सपा के जिला महासचिव प्रमोद विष्ट, शुभलेश यादव, हरिशंकर यादव आदि भी मौजूद रहे। आईवीआरआई क्रासिंग पुल पर सहमति कुदेशिया फाटक ओवरब्रिज न बनने की स्थिति में धन को कहां शिफ्ट किया जाए, इस पर कई सुझाव आए। बाद में तय हुआ कि आईवीआरआई क्रासिंग पर ओवरब्रिज की तुरंत आवश्यकता को देखते हुए शासन से बात करके उसके लिए ट्रांसफर करा दिया जाए। पूर्व मेयर सुभाष पटेल ने मढ़ीनाथ और सुरेंद्र पांडेय ने सिटी श्मशान भूमि क्रासिंग पर ओवरब्रिज का प्रस्ताव रखा, मगर वहां दूसरी तरफ इस लायक चौड़ी सड़क न होने से चर्चा ज्यादा आगे नहीं बढ़ी। तय हुआ कि अक्तूबर अंत में मुख्यमंत्री के संभावित बरेली दौरे के वक्त शहामतगंज में ओवरब्रिज के लिए अलग से मांग की जाएगी। लालफाटक पर भी हुई चर्चा चौपुलापुल पर अव्यवस्था का मुद्दा सांसद मेनका गांधी के प्रतिनिधि सतीश यादव ने उठाया। मेयर ने इस पर स्थिति सुधारने को सबकी राय मांगी, मगर कोई हल नहीं निकला। अलबत्ता मेयर ने कहा कि फिलहाल वहां आटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगवाए जा रहे हैं। लालफाटक ओवरब्रिज का डिजाइन दोबारा बनाने की बात हुई, क्योंकि दोनों रेलवे क्रासिंग के बीच से चनेहटी समेत तीन बड़े गांवों को रास्ता दिया जाना है।