Indian Railways News => Topic started by railgenie on May 14, 2012 - 03:08:10 AM


Title - किस ट्रेन में कितनी सीटें बचीं, होगा अनाउंसमेंट
Posted by : railgenie on May 14, 2012 - 03:08:10 AM

नई दिल्ली।। चार्ट बनने के बाद रद्द हुए टिकटों की वजह से खाली सीटों की जानकारी अब रेलवे स्टेशन पर अनाउंसमेंट के जरिए होगी। टिकट की उम्मीद लगाए लोग करंट रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर टिकट खरीद सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा रेलवे की दिल्ली डिवीजन के फेसबुक अकाउंट पर उपलब्ध है , पहली मई से खाली सीटों के बारे में जानकारी रेलवे स्टेशन पर भी अनाउंसमेंट के जरिए दी जाएगी। शुरुआत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से की जा रही है , प्रयोग कामयाब हुआ तो इसे और स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।रेलवे के दिल्ली डिवीजन का कहना है कि अब तक उसने जो लिंक फेसबुक तक रखा हुआ था , उसे ही अनाउंसमेंट सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा और अनाउंसमेंट सिस्टम इस डेटा को वॉयस में कन्वर्ट करके उसकी घोषणा स्टेशन पर कर देगा। दिल्ली के डिवीजनल रेलवे मैनेजर अश्विनी लोहानी के मुताबिक अभी चार्ट तैयार होने के बाद अगर कोई व्यक्ति अपना टिकट कैंसल करा देता है तो उसका ब्यौरा टीटीई के पास ही होता है या फिर वह डिवीजन के फेसबुक अकाउंट पर आ जाता है। लेकिन कई बार स्टेशन पर होने के बावजूद लोगों को इसकी जानकारी नहीं मिल पाती , क्योंकि उनके पास कंप्यूटर पर जाकर फेसबुक अकाउंट देखने की सुविधा नहीं होती।ऐसे में अगर स्टेशन पर अनाउंसमेंट होती है तो पैसेंजर फौरन ही करंट रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर ट्रेन की कैंसल हुई टिकट से खाली सीट के लिए टिकट ले सकेगा। डीआरएम के मुताबिक इससे पारदर्शिता भी आएगी। अभी कई लोग दलालों के पास जाते हैं और दलाल भी इसी तरह से खाली हुई सीट के बदले में टिकट लेकर पैसंेजरों से मोटी रकम वसूल लेते हैं। उनके मुताबिक फेसबुक पर भी यह सुविधा है और इसका कई लोग फायदा भी उठा रहे हैं।

[ जारी है ]

पुरानी दिल्ली पर टिकट काउंटर : पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सर्कुलेटिंग एरिया को पूरी तरह से रीडिजाइन कर दिया गया है। रेलवे का कहना है कि यही नहीं , पुरानी दिल्ली स्टेशन पर सेकेंड एंट्री के पास स्टेशन बिल्डिंग अगले कुछ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी। इसके साथ ही पुरानी दिल्ली स्टेशन के वेस्ट हॉल के पास भी टिकटों के लिए चार विंडो बनाए जाएंगे। फिलहाल टिकट विंडो स्टेशन के ईस्ट हॉल के समीप ही हैं। उन्होंने दावा किया कि रेलवे के उठाए गए कई कदमों की वजह से पैसेंजर शिकायतों में 50 फीसदी तक की कमी आ गई है। पिछले साल तक जहां हर माह 168 तक शिकायतें आ रही थीं , वह अब कम होकर औसतन 58 शिकायतें प्रति माह रह गई हैं।