Indian Railways News => Topic started by greatindian on Jul 19, 2012 - 08:18:27 AM


Title - कागजों में दौड़ रही मेट्रो पर महंगाई की मार
Posted by : greatindian on Jul 19, 2012 - 08:18:27 AM

अभी तो मेट्रो ने जमीन पर पहला कदम भी नहीं रखा और कागजों में ही इसके प्रोजेक्ट की लागत 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है। 2008 में 6600 करोड़ रुपये से शुरू हुआ लुधियाना मेट्रो प्रोजेक्ट 2012 में 10300 करोड़ रुपये का हो गया है। कागजों में दौड़ रही मेट्रो दिन-ब-दिन महंगी होती जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर बैठकों के अलावा इसमें कुछ नहीं हो रहा है।पहले पंजाब की कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो को दिल्ली के शहरी विकास मंत्रालय की फाइलों में दौड़ना है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट पर 23 जुलाई को एक बैठक बुलाई गई है। इसमें मेट्रो पर विचार-विमर्श किया जाएगा। डीपीआर के अनुसार बढ़ती महंगाई के कारण अगले पांच सालों में प्रोजेक्ट की लागत सौ फीसदी बढ़ सकती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि 2008 में जो मेट्रो 6600 करोड़ रुपये में महानगर में दौड़ सकती थी, उसके लिए 2017 तक 13000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

दिल्ली से लुधियाना तक मेट्रो का सफर

दिल्ली में सफल मेट्रो चलाने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर ई श्रीधरन ने लुधियाना में सर्वे किया। 2008 में सर्वे करने के बाद ई श्रीधरन के प्रयासों से लुधियाना मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाई गई। डीपीआर के अनुसार तब प्रोजेक्ट की लागत 6600 करोड़ रुपये थी। इसके बाद दोबारा बैठकों के दौैरान इस बजट को 7500 करोड़ रुपये कर दिया गया। उसके बाद जून 2011 में पंजाब की कैबिनेट ने 8705 करोड़ रुपये की डीपीआर को हरी झंडी दी। इसके बाद मेट्रो पंजाब कैबिनेट और लुधियाना के अफसरों के कागजों में दौड़नी शुरू की। अब बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 10300 करोड़ के बजट वाले लुधियाना मेट्रो प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। आंकड़े बताते हैं कि जिस मेट्रो का सपना लुधियानवी देख रहे हैं वह कागजों में ही कितना महंगा हो रहा है। जमीनी स्तर पर कार्य पहुंचेगा, तब तक यह प्रोजेक्ट कितना महंगा हो जाएगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

तीन साल लेट हो गया प्रोजेक्ट

कागजों में दौड़ रही मेट्रो को लुधियाना पहुंचते-पहुंचते कम से कम पांच साल लग जाएंगे, जबकि डीपीआर के अनुसार प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद 2014 तक की गई थी। कागजों में दौड़ने के बावजूद लुधियाना में मेट्रो करीब तीन साल देरी से पहुंचेगी।

बनेगा लुधियाना मेट्रो रेल कारपोरेशन

प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए इसे कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत करवा लुधियाना मेट्रो रेल कारपोरेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा एक ऑफिसर स्पेशल ड्यूटी पर लगाया जाएगा। इसके पास पर्याप्त शक्तियां होंगी और वह अलग-अलग समय पर होने वाली बैठकों में जाएगा।