Indian Railways News => Topic started by RailXpert on Jul 19, 2012 - 15:18:51 PM


Title - एक ऐसा स्टेशन, जहां वीआईपी ट्रेन को भी नहीं मिलता प्लेटफॉर्म
Posted by : RailXpert on Jul 19, 2012 - 15:18:51 PM

जम्मूतवी-इंदौर मालवा सुपरफास्ट ट्रेन को लक्ष्मीबाईनगर रेलवे स्टेशन पर रोकना नियति बन गया है जबकि वहां मालवा का स्टॉपेज नहीं है। रेलवे का तर्क है कि 21 कोच की गाड़ी होने के कारण उसे प्लेटफॉर्म पांच पर ही लाया जा सकता है। कई बार प्लेटफॉर्म पांच पर दूसरी ट्रेनें खड़ी रहती हैं इसलिए मालवा को लक्ष्मीबाईनगर में रोककर रखना पड़ता है।इधर, रेलवे तीन-चार साल बाद प्लेटफॉर्म की क्षमता बढ़ाएगा और तब तक मालवा के यात्रियों को इसी तरह कष्ट भोगना पड़ेंगे।हालत यह है कि लेटलतीफी के चलते ट्रेन के ज्यादातर यात्री मांगलिया या लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन पर ही उतर जाते हैं। ट्रेन के इंदौर आने का तय समय दोपहर 12.50 बजे है लेकिन यह कभी-कभी मांगलिया और लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन पर आधा से एक घंटा तक खड़ी रहती है।रविवार-मंगलवार छोड़ ज्यादातर दिन परेशानी- रविवार-मंगलवार छोड़ अमूमन हर दिन मालवा को लक्ष्मीबाईनगर में खड़ा रखना पड़ता है क्योंकि बाकी दिन इसके आने के समय कभी इंदौर-पटना तो कभी इंदौर-पुणो एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पांच से रवाना होती हैं। प्लेटफॉर्म तीन पर निजामुद्दीन खड़ी रहती है जबकि चार 21 कोच की क्षमता का नहीं है।प्लेटफॉर्म चार की क्षमता बढ़ाना होगी- फिलहाल प्लेटफॉर्म चार की लाइन शास्त्री ब्रिज के आगे प्लेटफॉर्म तीन की लाइन से जुड़ती है। यदि इसे तीन के बजाय प्लेटफॉर्म पांच की लाइन से जोड़ दिया जाए तो प्लेटफॉर्म चार को विस्तारित कर 21 कोच खड़ा करने लायक बनाया जा सकता है। अभी चार नंबर प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 19 कोच की ट्रेन खड़ी की जा सकती है।

बार-बार नहीं कर सकते अलग-अलग प्लानिंग

रतलाम-इंदौर गेज कन्वर्जन के तहत इंदौर के सभी प्लेटफॉर्म 24 कोच की कैपेसिटी के बनना हैं। मास्टर प्लान भी स्वीकृत हो चुका है। इनसे पहले चार नंबर प्लेटफॉर्म की लाइन को पांच नंबर की लाइन से जोड़ना संभव नहीं है। बार-बार अलग-अलग प्लानिंग नहीं की जा सकती। एक बार जो प्लान मंजूर होता है, उसी अनुसार काम किया जाता है।
- लोकेश नारायण, मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम