Indian Railways News => Topic started by railenquiry on Aug 31, 2013 - 17:56:49 PM


Title - उसलापुर रेलवे स्टेशन के दूसरे छोर से भी मिलेगी यात्रियों को प्रवेश की सुविधा
Posted by : railenquiry on Aug 31, 2013 - 17:56:49 PM

उसलापुर रेलवे स्टेशन के दूसरे छोर से भी मिलेगी यात्रियों को प्रवेश की सुविधा

बिलासपुर। महीने-डेढ़ महीने बाद उसलापुर रेलवे स्टेशन के दूसरे छोर से भी प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इसके लिए शुक्रवार को फुट ओवरब्रिज का गर्डर (ढांचा) तैयार कर लिया गया। यह बिलासपुर जोन का सबसे लंबा गर्डर है। 42 मीटर लंबे गर्डर को दोपहर 1:30 बजे तक पोल पर चढ़ा लिया गया, जिसके बाद ओवरब्रिज का आकार नजर आने लगा।

रेल प्रशासन उसलापुर रेलवे स्टेशन को मिनी बिलासपुर के तर्ज पर संवारने जा रहा है। इसके लिए स्टेशन के दूसरे छोर को भी विकसित करने की योजना है। जाहिर है कि ऐसे में दूसरे छोर से प्रवेश देने की जरूरत होगी। इसी वजह से यहां फुट ओवरब्रिज को बढ़ाकर दूसरे छोर तक पहुंचाया जा रहा है।

इसी योजना ने शुक्रवार को अहम पड़ाव पूरा किया। प्लेटफार्म नंबर 2-3 और दूसरे छोर पर तैयार पोल पर ब्रिज का ढांचा चढ़ाया गया। 140 टन वजन उठाने की क्षमता वाली क्रेन से ढांचा चढ़ाने का काम सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। डिवीजन के आला अफसरों की मौजूदगी में काम दोपहर 1:30 बजे तक पूरा हो गया।

यह गर्डर जोन के रेलवे स्टेशनों में लगे गर्डर में सबसे लंबा है। अब तक 30 से 33 मीटर लंबा गर्डर ही लगाया गया है। उसलापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 के बाद चार रेल लाइनें हैं। इसके बाद लोडिंग साइडिंग का 20 मीटर चौड़ा  गुड शेड है। इस तरह उसलापुर में 42 मीटर लंबे गर्डर की जरूरत पड़ी। गर्डर का वजन प्रति मीटर 1 टन के करीब होता है, लिहाजा 42 मीटर लंबे गर्डर का वजन भी 42 टन के करीब है।

2014-15 में होगा संपूर्ण विकास

उसलापुर को संवारने की योजना तैयार कर ली गई है। बिलासपुर रेल मंडल ने उसलापुर में शेड निर्माण, वाटरिंग, बाथरूम युक्त टॉयलेट, ट्रेन और इंडिकेशन बोर्ड लगाने से लेकर कटनी छोर पर एक और फुट ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे महाप्रबंधक ने मंजूर कर लिया है। अब यही प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा रहा है, जिसे आने वाले रेल बजट में मंजूरी मिलेगी।

दूसरे छोर से दो किमी घट जाएगी दूरी

उसलापुर रेलवे स्टेशन में प्रवेश बिलासपुर की ओर से ही हो रहा है। इसके कारण सकरी, तखतपुर, मुंगेली, कोटा से आने वालों को रोड ओवरब्रिज पार कर इस पार आना पड़ता है। रोड ओवरब्रिज से उतरने के बाद फिर से सकरी की ओर आधा किलोमीटर और फिर उसलापुर स्टेशन के लिए पटरी किनारे तकरीबन 700 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।

दूसरे छोर से प्रवेश की सुविधा मिलने से सकरी की ओर से आने वालों को रोड ओवरब्रिज चढ़ने से राहत मिलेगी। इस तरह स्टेशन की दूरी डेढ़ से दो किलोमीटर घट जाएगी। दूसरे छोर में जनरल टिकट काउंटर की भी सुविधा दी जानी है, लिहाजा मुख्य प्लेटफार्म पर टिकट कटाने वालों की भीड़ छंटेगी।