Indian Railways News => Topic started by railgenie on Jun 20, 2013 - 18:02:17 PM


Title - आरपीएफ मालामाल, यात्री बेहाल
Posted by : railgenie on Jun 20, 2013 - 18:02:17 PM

पलपल इंडिया ब्यूरो, मुम्बई.  पश्चिम रेलवे आरपीएफ नक्कारेपन के कारण यात्रियों को आने -जाने में घोर असुविधा का सामना करना पड़ा रहा है, नालासोपारा, वसई, विरार, मीरा रोड, भायंदर, बोरीवली, अंधेरी, बान्द्रा, जैसे प्रमुख स्टेशनों के पादचारी पुलों पर हाकरों का कब्जा हो गया है.नालासोपारा तो हाकरों का नया अड्डा बनकर उभरा है, जहां स्टेशन परिसर में सैकड़ो अवैध हाकर कुंडली मार कर बैठे हुए हैं.

लाखों के वारे-न्यारे

सूत्रों की माने तो रेल परिसर में अवैध रूप से लगाई जाने वाली दुकानों से लाखों रीपए के वारे -न्यारे हो रहे हैं, पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस गोरखधंधे के लिए अप्रत्यक्ष रूप से मुख्य सुरक्षा आयुक्त को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस फसाद की जड़ें उपर तक फैली हुईं हैं, जिसके कारण मंडल रेल प्रबंधक द्वारा बार-बार आब्जेक्शन लिए जाने के बावजूद अवैध हाकरों से रेलवे परिसर को मुक्त नहीं हो पा रहे हैं.

आरपीएफ के आर्शीवाद से  फिर  संजने लगी दुकाने

स्टेशन परिसर को अवैध हाकरों से खाली कारने के निर्देश देत-देते थक चुके मंडल रेल प्रबंधक संदीप साइलस ने अब  सरप्राइज चेकिंग पर जोर दिया है. इस संदर्भ में पिछले दिनों नवभारत में प्रकाशित खबर के बाद कुछ दिन तक हाकर नालासोपारा स्टेशन परिसर से गायब हो गए थे, पर स्थानीय आरपीएफ के आर्शीवाद से एक बार फिर दुकाने संजने लगी हैं.

मुखबीर का काम करते हैं स्थानीय आरपीएफ वाले

नालासोपारा स्टेशन के बाहर अवैध रूप से फलों को धंधा करने वाले एक हाकर ने बताया कि दुकान लगाने के लिए प्रत्येक हाकर से रोजना आरपीएफ वाले 100 रूपए लिए लेते हैं, जैसे ही

रेल प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी निरीक्षण की योजना बनाता , स्थानीय आरपीएफ वाले इन अवैध हाकरों को आगाह कर देते हैं.