Indian Railways News => Topic started by messanger on Jul 01, 2013 - 12:00:59 PM


Title - आज से बदल जाएगी टिकट निरस्तीकरण की समय सीमा
Posted by : messanger on Jul 01, 2013 - 12:00:59 PM

रेलवे ने बढ़ाया कमाई का जरिया

-बंद, आंदोलन व बाढ़ में ट्रेन निरस्त हुई तो भरना होगा टीडीआर

जागरण संवाददाता, लखनऊ : रेलवे की माली हालत को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने कमाई के कई और तरीके खोज लिए हैं। इन तरीकों में एक जुलाई से लागू हो रही टिकट निरस्तीकरण संबंधी समय सीमा कम करने की कवायद भी शामिल है। इसके तहत अगर यात्री अचानक यात्रा निरस्त करता है तो उसे टिकट मूल्य की पचास फीसद राशि गंवानी पड़ेगी।

इनसेट

इस तरह से होगी कटौती

-अगर यात्री कंफर्म टिकट को 48 घंटे या फिर ट्रेन चलने के छह घंटे पहले तक निरस्त कराता है तो 25 फीसद टिकट मूल्य की राशि कटेगी

-ट्रेन छूटने से छह घंटे पहले या फिर ट्रेन छूटने के दो घंटे तक कंफर्म टिकट निरस्त कराने पर पचास फीसद राशि कटेगी ।

- ट्रेन छूटने के दो घंटे बाद कंफर्म टिकट के मूल्य का पैसा नहीं दिया जाएगा।

- ट्रेन छूटने के तीन घंटे तक सिर्फ निरस्तीकरण चार्ज कटेगा। वहीं तीन घंटे बाद कोई राशि वापस नहीं की जाएगी।

-ट्रेन प्रस्थान समय से तीन घंटे से अधिक लेट होने पर टिकट मूल्य पूरा वापस किया जाएगा।

- ट्रेन का रूट बदला जाता है, बाढ़, आंदोलन, विद्रोह होने पर टिकट मूल्य 72 घंटे तक वापस किया जाने का प्रावधान है

- यात्री को अपनी ट्रेन की तिथि, श्रेणी व ट्रेन नंबर बदलना है तो यात्री को ट्रेन चलने से 48 घंटे पहले सूचित करना होगा। हालांकि, गंतव्य स्थान नहीं बदला जाएगा।

डुप्लीकेट टिकट बनवाने के लिए चुकाना होगा अधिक मूल्य

डुप्लीकेट टिकट बनवाने के लिए अब तक सभी श्रेणियों के यात्रियों को प्रार्थना पत्र व आइडी प्रूफ के साथ बीस रुपये शुल्क के रूप में देने होते थे लेकिन अब स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को बीस रुपये के स्थान पर प्रति यात्री पचास रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह थर्ड एसी, सेकेंड एसी व फ‌र्स्ट एसी के यात्रियों को सौ रुपये डुप्लीकेट टिकट बनवाने के लिए चुकाना होगा।

आज से बदले समय से चलेंगी ट्रेनें

रेलवे ने एक जुलाई से कई ट्रेनों की समय सारिणी बदल दी है। लखनऊ से चलने व गुजरने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस, फैजाबाद दिल्ली एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस, प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस सहित पांच दर्जन से अधिक ट्रेनों के संचालन में एक से तीन मिनट का अंतर आया है। जबकि लखनऊ मेल, पुष्पक एक्सप्रेस व स्वर्ण शताब्दी जैसी ट्रेनों के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।