Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Sep 22, 2013 - 23:55:39 PM


Title - अव्यवस्थाओं से पटा पड़ा है रेलवे स्टेशन
Posted by : puneetmafia on Sep 22, 2013 - 23:55:39 PM

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण जिस तेजी से चलाया जा रहा था, अब उसमें सुस्ती देखी जा रही है। रेलवे बजट से पहले चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को विश्व स्तर का बनाए जाने के लिए काफी प्रयास किया जा रहा था। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर काफी काम आरंभ किया गया था परंतु अब भी विश्वस्तर का बनने के लिए काफी कुछ करना है। स्टेशन पर प्रगति के कार्यो में प्लेटफार्म पर पेड शौचालय बनाने, यात्रियों के लिए टैक्सी की व्यवस्था करने, कार पार्किग स्थल को बड़ा बनाने के अलावा सुंदरीकरण किया जाना है। इसके साथ ही स्टेशन पर एलीवेटर, पेय एंड जूस की दुकानें, प्लेटफार्म बढ़ाया जाने आदि कार्यो के संबंध में विस्तार से सभी अधिकारियों से चर्चा की गई, पेश हैं उसके अंश :-
जीरकपुर में स्टेशन बनने का सपना लटका
दो वर्षो के अथक प्रयास के बाद रेलवे प्रशासन ने आखिरकार राजपुरा एवं चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन वाया जीरकपुर के बीच सर्वे तेजी से चलाया जा रहा है। आरंभिक चरणों में इन दोनों स्टेशनों के बीच चार रेलवे स्टेशनों की चर्चा की जा रही है, इनमें एक स्टेशन जीरकपुर भी होने की संभावना है।
कई प्रोजेक्टों पर काम लटका
कई प्रोजेक्टों पर काम लटक गया है इनमें अमृतसर-लालकुआं एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया चंडीगढ़ ट्रेन, इंदौर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया देवास, उज्जैन, गुना, ग्वालियर तथा हजरत निजामुद्दीन शामिल हैं, हालांकि दो ट्रेनों की चलाने की घोषणा की गई है। इनमें पहली ऊना-नंगल डैम हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस वाया आनंदपुर साहिब-मोरिंडा-चंडीगढ़, अंबाला (साप्ताहिक) और दूसरी कालका-शिरडी ट्रेन, सप्ताह में दो दिन, कालका-कटरा एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन चलाई जानी थी।
प्लेटफार्म नंबर छह का काम अधर में
स्टेशन पर पंचकूला की ओर एक प्लेटफार्म बनाने की योजना है। इस पर काम तो आरंभ किया गया था जैसे पंचकूला की ओर की जो ट्रैक था उसे सीधा किया गया। प्लेटफार्म के लिए स्थान बनाया गया, परंतु अब इस काम में देरी हो रही है।
स्टेशन पर डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं
चंडीगढ़ रेलवे डिस्पेंसरी में तीन दिनों के लिए डाक्टर अंबाला से आया करेंगे।
कुलियों को आराम करने की जगह नहीं
चंडीगढ़ स्टेशन पर कुलियों के लिए आराम करने की जगह नहीं है। कई वर्षो से मांग रही है कि कुलियों को आराम करने के लिए एक कमरा होना चाहिए। स्टेशन पर जो एक कमरा था उसे भी तोड़ दिया गया। चंडीगढ़ स्टेशन के 34 कुलियों के प्रधान सावर खान का कहना था कि हम लोगों की स्थिति काफी खराब है। सुविधा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है।
विकलांगों के लिए कोई सुविधा नही
प्लेटफार्म नंबर एक से अन्य प्लेटफार्म पर रोगियों व विकलांगों को ले जाने का लिए अच्छी व्यवस्था नहीं है। यदि किसी रोगी को अन्य प्लेटफार्म पर ट्रेन पकड़नी हो तो उसे वहां जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
टिकट आरक्षण केंद्र हैं कम
रेलवे स्टेशन पर स्थित कंप्यूटरीकृत टिकट आरक्षण केंद्र काउंटरों में से केवल तीन को ही चलाया जा रहा है, इससे यात्रियों को काफी कठिनाइयों का समना करना पड़ता है। टिकट आरक्षण केंद्र में केवल तीन काउंटरों पर ही यात्रियों को दी जा रही है। हालांकि यहां भीड़ को देखते हुए तीन टिकट काउंटर कम पड़ रहे हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए रेलवे प्रशासन ने कंप्यूटरीकृत टिकट आरक्षण केंद्र का विस्तार करने का फैसला लिया था पर इस पर काम नहीं किया जा रहा है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर तीन और पंचकूला की ओर एक ही आरक्षण काउंटर है, लेकिन ये चार काउंटर भी यात्रियों को कम पड़ रहे हैं। यात्रियों की ओर से कई बार इस बावत मांग भी की गई है, लेकिन रेलवे प्रशासन इस पर ध्यान ही नहीं दे रहा है। प्रस्ताव तो तीन के स्थान पर सात काउंटर खोलने का था, लेकिन इस पर कोई काम ही नहीं किया जा रहा है।
विकास के कार्य समय पर ही होंगे पूरे : स्टेशन अधीक्षक
इस संबंध में पूछे जाने पर रेलवे स्टेशन अधीक्षक प्रवीण कुमार का मानना है कि कई काम अपनी रफ्तार से चलाए जा रहे हैं। जैसे जैसे बजट आता है वैसे वैसे काम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि समय के साथ ही सभी काम पूरे किए जाएंगे।
सुरक्षा पर रखा जाता है विशेष ध्यान : विजेंद्र सिंह
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पोस्ट कमांडर विजेंद्र सिंह का मानना है कि स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है। इसके लिए स्टेशन से जुड़े लोगों जैसे कि वेंडरों व टैक्सी ड्राइवरों को नशाखुरानी गिरोह के खिलाफ जागरूक किया जाता है। सुरक्षा के लिहाज से कई विषयों पर ध्यान दिया जाता है, इनमें नशाखुरानी से बचाने के लिए यात्रियों को जागरूक किया जाना, प्रतिदिन ट्रेनों की जांच करना आदि शामिल हैं।