Indian Railways News => Topic started by Jitendar on Sep 07, 2013 - 02:56:12 AM


Title - अगले साल भी नहीं दौड़ पाएगी इलेक्ट्रिक ट्रेन विद्युतीकरण का कार्य अधूरा, उपकेंद्र बनाने को शुरू नहीं
Posted by : Jitendar on Sep 07, 2013 - 02:56:12 AM

गोरखपुर। इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर करने में अभी और वक्त लगेगा। लखनऊ से गोरखपुर तक ट्रेन के चलने में कई बाधाएं हैं। बाराबंकी से गोंडा और सीवान से छपरा तक अभी रेलवे ट्रैक्शन का काम पूरा नहीं हो पाया है। जबकि अगस्त में इस रूट पर ट्रेन दौड़ाने का दावा रेल प्रशासन ने किया था। कार्य की प्रगति इतनी धीमी है कि गोरखपुर तक ट्रेन चलने में कम से कम साल भर का वक्त लगेगा। वहीं तीन बिजली के उपकेंद्र बनाए जाने हैं और रेलवे की ओर से कोई पहल ही नहीं की गई है।
बाराबंकी से छपरा तक कुल 424 किलोमीटर इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने के लिए वर्ष 2008 में काम शुरू हुआ। मार्च 2012 तक इसे पूरा किया जाना था। मौजूदा हाल में कार्य की प्रगति धीमी है। गोंडा से गोरखपुर और सीवान के बीच अभी कई जगहों पर न बेस तैयार हो पाएं हैं और न ही पोल गाड़े गए हैं। वहीं गोरखपुर, संतकबीरनगर और बस्ती में पांच-पांच एमबीए के उपकेंद्र बनने हैं। रेलवे के प्रपोजल को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने हरी झंडी दे दी लेकिन रेलवे की ओर पहल बंद कर दी गई है। नगरीय विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन एके सिंह का कहना है साल भर पहले ही पांच एमवीए का सबस्टेशन बनाने की योजना को स्वीकृति मिल गई थी लेकिन इसके बाद रेलवे की ओर से कोई पहल नहीं की गई। लाइन खींचने का काम ट्रांसमिशन करेगा और सबस्टेशन रेलवे को ही बनाना है। रेलवे की ओर से कोई पहल नहीं की गई है।