Indian Railways News => Topic started by railgenie on Sep 03, 2013 - 15:00:26 PM


Title - Two Chinese companies among six bidders for loco factory
Posted by : railgenie on Sep 03, 2013 - 15:00:26 PM

बिहार के मधेपुरा जिले में इलेक्ट्रिक लोको फैक्ट्री स्थापित करने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा वित्तीय बोली में चुनी गई छह कंपनियों में से दो चीन की हैं। इसके अलावा दो अमेरिकी मूल व दो जर्मन मूल की भारतीय कंपनियां शामिल हैं। सोमवार को रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन [आरएफक्यू] बोली की आखिरी तारीख थी।
चीन की दो कंपनियों में सीएनआर कॉरपोरेशन व सीएसआर कॉरपोरेशन के नाम शामिल हैं। जबकि अमेरिकी मूल की दो भारतीय कंपनियों- जीई ग्लोबल सोर्सिग इंडिया व बंबार्डियर इंडिया है। इसके अलावा जर्मन मूल की दो भारतीय कंपनियों- एल्स्टाम इंडिया व सिमेंस लिमिटेड को भी तकनीकी तौर पर पात्र पाया गया। अब इन कंपनियों को वित्तीय बोली लगाने का मौका मिलेगा। सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को मधेपुरा में इलेक्ट्रिक रेल इंजन फैक्ट्री लगाने का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा मढ़ौरा में डीजल लोको फैक्ट्री भी लगाई जाएगी, जिसकी घोषणा 2008 में तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने की थी।
मधेपुरा में 1293 करोड़ रुपये की लागत से प्रत्येक लोको में 12 हजार हॉर्सपावर की क्षमता वाले 800 लोको हर साल बनाने का कारखाना लगाया जाना है। इसके अलावा मढ़ौरा फैक्ट्री पर 2025 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इसमें हर साल 4500 हॉर्सपावर व 6000 हॉर्सपावर वाले 1000 डीजल रेल इंजन बनाने का लक्ष्य है। गौरतलब है कि रेलवे के पास फिलहाल दो लोको फैक्ट्रियां हैं। वाराणसी में डीजल लोकोमोटिव व‌र्क्स [डीएलडब्ल्यू] व चितरंजन में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव व‌र्क्स [सीएलडब्ल्यू]।