Indian Railways News => Topic started by greatindian on Jun 23, 2013 - 18:30:32 PM


Title - Tirthdarshn Plan: Leave pilgrims took off Route
Posted by : greatindian on Jun 23, 2013 - 18:30:32 PM

उज्जैन। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत जगन्नाथपुरी जाने वाली ट्रेन जिले के 412 बुजुर्ग यात्रियों व उनके परिजनों को स्टेशन पर ही छोड़कर भोपाल के लिए रवाना हो गई। तीर्थ यात्रियों को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने स्टेशन पर हंगामा शुरू कर दिया। आखिरकार जिला प्रशासन ने बसों की व्यवस्था कर यात्रियों को सीहोर के लिए रवाना किया।
जिला पंचायत के अधिकारियों ने यात्रियों को ट्रेन रवाना होने का समय शुक्रवार शाम 7.30 बजे बताया था। यात्री ट्रेन के इंतजार में प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर बैठे थे, मगर ट्रेन शाम 5 बजे प्लेटफार्म नंबर 6 पर पहुंची तथा 10 मिनट बाद रवाना हो गई।
दौड़ लगाई मगर..
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन रवाना होने की जानकारी तीर्थ यात्रियों को लगी तो उनमें हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने ट्रेन में चड़ने के लिए काफी दूर तक दौड़ लगा दी। हालांकि यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके।
चार बार चेन पुलिंग
ट्रेन रोकने के लिए चार बार चेन पुलिंग की गई। यात्रियों में अफरा-तफरी फैल गई। आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे तथा ट्रेन को रवाना किया। स्टेशन प्रबंधक आरडी द्विवेदी के अनुसार ट्रेन रतलाम से दोपहर 12 बजे के स्थान पर दोपहर 3 बजे रवाना हुई थी। ट्रेन उज्जैन स्टेशन पर 4.50 पर पहुंची तथा 5.05 बजे रवाना कर दी गई थी। मगर बार-बार चेन पुलिंग के कारण ट्रेन करीब 20 मिनट की देरी से चली।
बस से पहुंचाया सीहोर
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रेलवे के अधिकारियों से चर्चा की तथा ट्रेन को सीहोर में रुकवाया। उज्जैन से करीब 400 यात्रियों को बसों के माध्यम से सीहोर पहुंचाया तथा ट्रेन में बैठाया गया।
कुछ यात्रियों ने रद्द की यात्रा
यात्रियों को छोड़ ट्रेन के रवाना होने के कारण बुजुर्ग यात्री तथा उनके परिजन परेशान हो गए। कुछ लोगों ने यात्रा ही रद्द कर दी। उनका कहना था कि यात्रा शुरू होने से पहले ही इतने परेशान है तो फिर रास्ते में क्या होगा।
कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं
मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना शुरू होने के बाद कुछ समय तक तो भाजपा के नेता तथा जिला प्रशासन के अधिकारी ढोल-ताशों के साथ यात्रियों को विदा करने पहुंचते थे। मगर अब हालत यह हैं कि शुक्रवार को यात्रियों को विदाई देने के लिए जिला पंचायत का मात्र एक ही अधिकारी मौजूद था।
दिखी उदासीनता
यात्रियों को छोड़ ट्रेन के रवाना होने की गंभीर घटना के बाद भी जिला पंचायत सीईओ की गैर जिम्मेदारी भी सामने आई। स्टेशन पर शुरआत में इक्का-दुक्का कर्मचारी ही तैनात थे। ट्रेन के आने के बारे में अधिकारियों ने रेलवे प्रशासन से चर्चा नहीं की थी। इस कारण यह घटना होना बताया जा रहा है। मीडिया ने इस बारे में श्री पटेल से संपर्क करने की कोशिश की तो वे जवाब देने से भी बचते रहे।
गफलत हुई
ट्रेन के सही समय की सूचना को लेकर कलेक्टोरेट की गफलत से यह हालात बने हैं। ट्रेन का समय दिन के ढाई बजे का था, लेकिन इसे स्थानीय प्रशासन ने शाम सात बजे का बताया। ट्रेन को भोपाल के समीप बैरागढ़ में रकवाकर यात्रियों को उज्जैन से बस द्वारा यहां तक बुलवाना पड़ा।
--राजेंद्र सिंह, उपसचिव धार्मिक न्यास व धर्मस्व मप्र
पहले किराया जमा करवाया
मप्र शासन ने जगन्नाथपुरी से करीब 14 किमी पूर्व साक्षी गोपाल स्टेशन तक ही ट्रेन की बुकिंग करवाई थी। जगन्नाथपुरी तक ट्रेन ले जाने के लिए रेलवे ने ट्रेन रवाना करने से पूर्व किराया जमा करवाया था। इसके बाद ही ट्रेन को दोपहर 12.30 के बजाए ढाई घंटा की देरी से 3 बजे रतलाम से रवाना किया गया। उज्जैन स्टेशन पर यात्रियों के छूटने के कारण जिला प्रशासन ने ट्रेन को सीहोर में रोकने को कहा था। ट्रेन को सीहोर तथा बैरागढ़ में एक-एक घंटा अतिरिक्त स्टॉपेज दिया गया है। इसके लिए रेलवे द्वारा 4.30 घंटे का विलंब शुल्क भी वसूला जा रहा है।
--प्रदीप शर्मा, पीआरओ रेलवे
कम्युनिकेशन गैप
कम्युनिकेशन गैप के कारण यह घटना हुई है। यात्रियों के लिए जब टिकट लिए गए थे तब समय शाम 7.30 बजे बताया गया था। शुक्रवार को ट्रेन शाम 5.30 बजे आई। इससे यात्री स्टेशन पर ही छूट गए। बसों से यात्रियों को सीहोर भिजवाया।
--बीएम शर्मा, कलेक्टर