Indian Railways News => Topic started by puneetmafia on Jun 16, 2013 - 00:30:43 AM


Title - Terms of railway refused, the station will stop fetching chips - रेलवे की शर्तें नहीं मानी, तो स्टेश
Posted by : puneetmafia on Jun 16, 2013 - 00:30:43 AM

जालंधर। रेलवे बोर्ड ने अपने यात्रियों को चिप्स कंपनियों से लूटने नहीं देगी। इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे बोर्ड ने अपने नए आदेश के तहत नार्दर्न रेलवे के सभी स्टेशनों के स्टाल पर शर्त के अनुसार की स्नैक्स बेचने का आदेश किया है। इस नए आदेश के तहत कुछ चिप्स कंपनियां उल्लंघन करती हुई पाई गई। जिसके चलते सिटी रेलवे स्टेशन के कामर्शियल विभाग के अधिकारियों ने स्टाल संचालकों को नोटिस जारी करके शर्त के विरुद्ध चिप्स बेचने को बंद करने का मना किया है। इस पर स्टाल संचालकों ने पुराने स्टाक को खत्म करने की मोहलत मांगी है। फिलहाल सिटी रेलवे स्टेशन का कोई भी स्टाल संचालक चिप्स का नया माल नहीं मांगा रहा है।

रेलवे ने वर्ष 2011 के रेट लिस्ट के अनुसार कोई भी स्नैक्स जो 30 ग्राम के पैकेट में होगा उसकी कीमत दस रुपए से अधिक नहीं होगी। कंपनियां से इससे बचने के लिए मात्रा में मात्र 1 ग्राम की बढ़ोत्तरी करते हुए कीमत में पांच रुपए की बढ़ोत्तरी कर दी। इस पर रेलवे विभाग के किसी अधिकारी की कोई नजर नहीं गई। वर्ष 2011 से चिप्स की बिक्री इसी आधार पर चल रही है। इससे दो साल से लगातार रेलवे यात्रियों का लूटा जा रहा है। इसके अलावा दस ग्राम के पैकेट पांच रुपए में बेचने की शर्त है। जिसमें कंपनियां नियमों का पालन कर रही है। सिटी रेलवे स्टेशन के स्टाल संचालक का कहना है कि इस संबंध में कंपनियों को सूचित कर दिया गया है। यदि कंपनियां रेलवे की शर्तों के अनुसार चिप्स के पैकेट उपलब्ध कराती है तो स्टाल पर रखा जाएगा, नहीं तो बंद कर दिया जाएगा।

दो साल में 7 लाख 20 हजार रुपए की लग चुकी है यात्रियों को चपत चिप्स कंपनियों ने दो साल के भीतर रेल यात्रियों को 7 लाख 20 रुपए की चपत केवल सिटी रेलवे स्टेशन पर ही लगा चुकी है। सिटी रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 1000 की संख्या में चिप्स के पैकेट बिक जाते है। कंपनी रेलवे के शर्त का उल्लंघन करके एक पैकेट पर यात्रियों की सीधे पांच रुपए की लूट मचा रखी थी। इस हिसाब से प्रतिदिन यात्रियों से 5 हजार रुपए की लूट। 30 दिन में 1 लाख 50 रुपए की लूट। दो साल में 7 लाख 20 हजार रुपए की लूट मात्र एक स्टेशन पर हो चुकी है। यदि इस आंकड़े को पूरे नार्दर्न रेलवे में अप्लाई करते है तो यह लूट करोड़ रुपए में जाकर पड़ती है।

ऐसे हुआ खुलासा बताया जा रहा है कि किसी यात्री ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने रेट लिस्ट और पैकेट के सैंपल के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जाकर रेलवे के अधिकारियों ने को मामले की जानकारी लगी। अब रेलवे बोर्ड ने अपने आदेश के तहत शर्तानुसार ही स्टेशन पर सामान बेचने का नया आदेश जारी किया है।