Indian Railways News => Topic started by AllIsWell on Sep 04, 2013 - 17:59:34 PM


Title - Smuggling in trains
Posted by : AllIsWell on Sep 04, 2013 - 17:59:34 PM

हैरान हो गए न कि यह क्यों लिखा। तो जान लीजिए आप भी। मुंबई, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों से पंजाब में दो नंबर का माल (टैक्स बचाने के लिए तस्करी) ट्रेनें ढो रही हैं। दो नंबर के इस खेल में अधिकारियों के साथ दलालों की 'मिलीभगत' से इंकार नहीं किया जा सकता।
2012 से लेकर अब तक करीब साढ़े सात करोड़ रुपये केवल रेल पार्सल पर होने वाले जुर्माने व टैक्स से पंजाब सरकार के खजाने में जमा हो चुके हैं। जबकि ट्रेनों के मार्फत सोना-चांदी, आभूषण की भी तस्करी के कई मामलों में विभाग 19 महीने में 29 लाख से अधिक रकम विभाग ने वसूल कर पंजाब सरकार के खजाने में जमा की। कुल मिलाकर केन्द्र सरकार से सियासत को लेकर भले ही विरोधाभास हो लेकिन यह सौ प्रतिशत सच है कि 'मनमोहन' की रेल पंजाब का खजाना भर रही है।
रेल पार्सल के जरिये होने वाली टैक्स चोरी रोकने के लिए एक्साइजएंड टैक्सेशन विभाग ने पंजाब के लुधियाना, खन्ना, फगवाड़ा, जालंधर, अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर जैसे कई रेलवे स्टेशन को टारगेट में रखा है, इन रेलवे स्टेशन पर दो नंबर रेल पार्सल को रोकने के लिए विभाग ने अलग-अलग टीमों का गठन करके उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है।
फिरोजपुर रेल डिवीजन के डीआरएम (डिवीजनल रेल मैनेजर) एनसी गोयल पहले ही साफ कर चुके हैं कि रेल पार्सल के जरिये दलालों के मार्फत की जाने वाली टैक्स चोरी को लेकर डिवीजन के सभी रेलवे स्टेशनों पर चौकसी और बढ़ाई गई है। दलालों को प्लेटफार्म से भगाया जा रहा है।
एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के मोबाइल विंग की असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (एईटीसी) हरदीप भांवरा कहती हैं कि रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर विभाग का चेकिंग सेंटर है, जबकि रेल पार्सल के जरिये दो नंबर के खेल पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा चुका है। रेल पार्सल से पूरे पंजाब की बात करे तो उनके पास जालंधर मोबाइल विंग का अतिरिक्त चार्ज है, करोड़ों रुपये के पार्सल दो नंबर में मिलीभगत से इधर से उधर होते रहे हैं, अब इन पर शिकंजा कसा गया है।
2012 में करोड़ों रुपये रेल पार्सलों से जुर्माने व टैक्स के साथ विभाग वसूल चुका है।