Indian Railways News => Topic started by Mafia on Jun 19, 2013 - 15:01:00 PM


Title - protest at railway track, hisar, haryana - सैनीवास में ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक रोका, पीड़ित परिवारो
Posted by : Mafia on Jun 19, 2013 - 15:01:00 PM

सिवानी मंडी. सैनीवास में तीन दिन पहले ट्रेन के साथ हादसे में एक युवक की मौत के मामले में रेलवे पुलिस की कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को हिसार-राजगढ़ रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों पर इस मामले में शामिल कर्मचारी व अधिकारी का बचाव करने व जिम्मेदारी से पीछे हटने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मंगलवार को ही बीकानेर मंडल की डीआरएम को भी जांच के लिए यहां पहुंचना था लेकिन वे नहीं आई।

 

ट्रैक पर जाम की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ बीकानेर मंडल की सुरक्षा आयुक्त कमलजीत बराड़ व जीआरपी हिसार के इंचार्ज रणधीर सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत किया। उन्होंने रेलवे की तरफ से मृतक के परिवार को 50 हजार रुपये व घायल को इलाज के लिए 25 हजार रुपये देने का भरोसा दिलाया। इससे असंतुष्ट ग्रामीणों ने कहा कि पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा, दोनों के परिवारों में एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले वरना वे वे 21 जून को दोबारा ट्रैक को अनिश्चित समय के लिए इस ट्रैक को जाम कर देंगे। 

 

15 जून को सैनीवास गांव में फाटक खुला रहने के कारण एक टाटा गाड़ी ट्रेन की चपेट में आ गई थी। इस हादसे में सैनीवास के पवन की मौत हो गई थी जबकि रोहताश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन हादसे के जिम्मेदार गेटमैन का नाम दर्ज नहीं किया। मंगलवार को इस हादसे की जांच के लिए बीकानेर मंडल की डीआरएम के घटनास्थल पर आने की सूचना ग्रामीणों को मिली तो सैनीवास सहित आस-पास के काफी संख्या में महिला व पुरुष अपना पक्ष रखने के लिए घटना स्थल पर जमा हो गए।

 

घटनास्थल पर काफी संख्या में जमा हुए ग्रामीणों के आक्रोश के चलते डीआरएम ने यहां आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया जिससे भीड़ में जमा लोग भड़क गए और रेलवे ट्रैक पर धरना लगा कर बैठ गए। गांव के सरपंच धर्मपाल, सूबेदार महावीर काजला, बलबीर काजला, ईश्वर सिंह, भाल सिंह, किसान सभा के नेता दयानंद पूनिया, विजय देहडू़, संतरो देवी, उग्रसेन, शीलादेवी आदि का कहना था कि इस हादसे के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है और अगर उस दिन फाटक बंद होता तो यह हादसा नहीं होता।