Indian Railways News => Topic started by greatindian on Jun 27, 2013 - 00:31:04 AM


Title - PM dedicates to the Nation the Banihal - Qazigund Rail Line in Jammu and Kashmir
Posted by : greatindian on Jun 27, 2013 - 00:31:04 AM

Following is the text of Prime Minister, Dr. Manmohan Singh’s address (in Hindi) on the occasion of the dedication of Banihal - Qazigund Rail Line to the nation in Jammu and Kashmir today:

“आज हम इंजीनियरिंग के एक ऐसे हैरतअंगेज़ नमूने को क़ौम और मुल्‍क के नाम वक्फ़ करने जा रहे हैं जिसे रेलवे के तकनीकी माहिरीन और कारकुनान ने अज़ीमतरीन हिमालय से तराशा है। यह बिलाशुबह एक बहुत बड़ा यादगार मौका है।

जम्मू-ऊधमपुर-कटरा-काज़ीगुण्ड-श्रीनगर-बारामूला रेल राब्ता, एक क़ौमी ख्‍़वाब है। आपमें से कुछ लोग जानते हैं कि ये ख्‍़वाब किसी और ने नहीं बल्कि महाराजा प्रताप सिंह ने आज से बहुत साल पहले 1898 में देखा था। तब से यह ख्‍़वाब तमाम दुश्वारियों के रास्ते से गुज़रा है। इस हकीकत के बावजूद कि इस राब्ते के लिए एक प्रोजेक्ट को आज से काफी पहले यानी 1905 में ही मंजूरी मिल गई थी, इसे अमलीजामा अभी तक नहीं पहनाया जा सका। मुल्क की तकसीम के बाद जम्मू भी बक़िया भारतीय रेलवे नेटवर्क से कटकर रह गया था। 1971 में जम्मू को तो भारतीय रेलवे के बाकी नेटवर्क से एक ब्रॉडगेज लाइन के ज़रिए पठानकोट के रास्ते से जोड़ा था, ये श्रीमती इंदि‍रा गांधी का एक सपना था जो उन्‍होंने पूरा कि‍या लेकिन, जम्मू के शुमाल की जानिब की लाइन पर कोई पेशरफ्त नहीं हो सकी।

आख़िरकार श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने इस बेहद अहम लाइन पर 1983 में काम शुरू करवाया। हम तब से अब तक एक लम्बा सफर तय कर चुके हैं और मुझे बहुत खुशी है कि हमारे पुराने ख्‍़वाब को अमलीजामा पहनाने का काम बहुत अच्छे ढंग से तकमील की तरफ आगे बढ़ रहा है। इस अहम और बिलाशुबह खूबसूरत रेलवे प्रोजेक्ट के बहुत से हिस्से मुकम्मल हो चुके हैं। मैं बज़ाते खुद सन् 2005 में इस रेलवे राब्ता के जम्मू-ऊधमपुर हिस्से के इफ्तेताह से वाबिस्ता रहा हूं। बादअजां 2008 में अनन्तनाग और माज़होम के दरम्यान रेल राब्ता कायम हो गया। माज़होम-बारामूला सेक्शन 2009 में मुकम्मल हुआ और इसके बाद काज़ीगुण्ड-बारामूला के दरम्यान 119 किलोमीटर तवील रेलवे लाइन बिछाई गई।